काशी में संगीत कला महोत्सव, तीन दिन में 60 कलाकार देंगे प्रस्तुति, 35 घंटे तक बहेगी गायन-वादन और नृत्य की त्रिवेणी
वाराणसी। काशी में एक बार फिर शास्त्रीय संगीत का भव्य आयोजन होने जा रहा है। 26 मार्च से शुरू हो रहे ‘काशी संगीत कला महोत्सव’ में तीन दिनों तक सुर, लय और ताल की अनवरत धारा बहेगी। दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ परिसर में आयोजित इस महोत्सव में देशभर के करीब 60 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जो कुल 30 से 35 घंटे तक चलेंगी।
धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोस्थली धर्मसंघ में होने वाला यह आयोजन धर्मसंघ शिक्षा मंडल की ओर से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बनारस घराना की समृद्ध परंपरा को जीवंत बनाए रखना और उसके संरक्षण-संवर्धन को बढ़ावा देना है। महोत्सव के संयोजक एवं धर्मसंघ के महामंत्री पं. जगजीतन पांडेय ने बताया कि शास्त्रीय संगीत को विश्व पटल पर स्थापित करने वाले महान कलाकारों की परंपरा को सम्मान देने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 26, 27 और 28 मार्च को दुर्गाकुंड स्थित मणि मंदिर (धर्मसंघ) परिसर में आयोजित होगा।
इस आयोजन का संरक्षकत्व स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज कर रहे हैं, जबकि प्रख्यात सितार वादक पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सितार वादक पं. देवब्रत मिश्र ने जानकारी दी कि महोत्सव के लिए बनारस घराने के दिग्गज कलाकारों के साथ-साथ देश-विदेश में रह रहे कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। जल्द ही प्रतिभागियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 24 से अधिक मुख्य कलाकार और लगभग तीन दर्जन संगत कलाकार भाग लेंगे। कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7 बजे से शुरू होकर पूरी रात चलेगा, जिसमें गायन, वादन और नृत्य की विविध विधाओं की प्रस्तुतियां होंगी। मंदिर परिसर में इसके लिए स्थायी मंच तैयार किए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव को हर वर्ष आयोजित करने की भी योजना है, जिससे काशी की संगीत परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।

