सीर गोवर्धनपुर से शुरू होगा ‘समरसता संकल्प अभियान’, गुरु रविदास के 650वें प्रकाश पर्व पर देशभर में पहुंचेगा सामाजिक समरसता का संदेश, रविदास जयंती तक चलेंगे कार्यक्रम
वाराणसी। संत शिरोमणि सद्गुरु श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा राष्ट्रव्यापी ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ का शुभारंभ 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उनकी जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से किया जाएगा। अभियान के तहत देशभर में सामाजिक समरसता, समानता और संत रविदास के विचारों के प्रसार के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो 20 फरवरी 2027 (माघ पूर्णिमा एवं संत रविदास जयंती) तक चलेंगे।
इस अभियान की जानकारी सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा अनुसूचित वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य और उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने दी। उन्होंने बताया कि शुभारंभ समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा डेरा सच्चखंड बल्लां के प्रमुख एवं संत रविदास जन्मस्थली के पीठाधीश्वर संत गुरु निरंजन दास महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत गुरु रविदास केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के संत हैं। उन्होंने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समानता, सेवा, भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनका ‘बेगमपुरा’ का आदर्श समाज आज भी सामाजिक न्याय और समान अवसरों की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाकर समाज के सभी वर्गों को एक सूत्र में जोड़ना तथा विकसित भारत के निर्माण में सर्वसमाज की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि अभियान की तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। 19 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई, जबकि 20 से 23 जुलाई तक प्रदेश स्तरीय और 25 से 27 जुलाई तक जिला स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। अब 29 जुलाई से अभियान का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ होगा।
अभियान को पांच प्रमुख चरणों में संचालित किया जाएगा। पहला चरण ‘श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन अभियान’ होगा, जो 29 जुलाई से 10 सितंबर 2026 तक राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला और मंडल स्तर पर चलेगा। दूसरा चरण ‘संत संपर्क अभियान’ 29 जुलाई से 31 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा’ निकाली जाएगी, जो जालंधर से वाराणसी तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से होकर गुजरेगी। चौथे चरण में 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक छात्रावास संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि 28 जुलाई को सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास जन्मस्थली पर पावन माटी का संग्रह एवं माटी पूजन किया जाएगा। इसके उपरांत 131 कलशों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें देशभर के राज्यों और उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से आए प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन कलशों का विधिवत पूजन कर उन्हें सुरक्षित रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन संत-महात्माओं और प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में पवित्र मिट्टी से युक्त कलशों का पूजन किया जाएगा और उन्हें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा। इस अवसर पर अतिथि संत गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे तथा स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
अभियान के अंतर्गत ‘गुरु रविदास महाराज समरसता दीप अभियान’ भी चलाया जाएगा। इसके तहत वाराणसी के रविदास घाट पर 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। साथ ही श्री गुरु रविदास स्मारक स्थल तथा देशभर के रविदास मंदिरों और भाजपा के मंडल स्तर तक दीपोत्सव का आयोजन होगा। आयोजकों के अनुसार यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समरसता, राष्ट्रीय एकता और संत रविदास के समतामूलक विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का व्यापक जनआंदोलन होगा।
पत्रकार वार्ता का संचालन भाजपा काशी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने किया। इस अवसर पर काशी क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया, विधायक टी. राम, मीडिया सह-प्रभारी संतोष सोलापुरकर सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

