गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 41 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगी रोक 

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वाराणसी। गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने परियोजना से प्रभावित 41 गांवों की जमीनों के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण और भूमि की प्रकृति में परिवर्तन पर अगली सूचना तक रोक लगा दी है। यह आदेश भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की मांग पर जारी किया गया है।

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भूमि अधिग्रहण में बाधाएं रोकने के लिए फैसला
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार एनएचएआई वाराणसी द्वारा गंगा नदी के किनारे प्रस्तावित गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 से रिंग रोड के बीच प्रस्तावित वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। परियोजना से कुल 41 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इनमें गंगा एलिवेटेड परियोजना के 11 और वरुणा एलिवेटेड परियोजना के 30 गांव शामिल हैं।

प्रशासन का मानना है कि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान जमीनों की खरीद-फरोख्त या उनकी प्रकृति में बदलाव से परियोजना प्रभावित हो सकती है। इसी कारण भूमि अधिग्रहण अधिनियम-1956 की प्रक्रिया के तहत प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिबंध लागू किया गया है।

एनएचएआई ने किया था अनुरोध
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अनुरोध किया था कि अधिग्रहण प्रस्तावित भूमि के संबंध में बिक्री विलेख, बंटवारा, इकरारनामा, दान-पत्र अथवा अन्य प्रकार के हस्तांतरण पर रोक लगाई जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश भू-राजस्व संहिता-2006 की धारा-80 के तहत भूमि की श्रेणी परिवर्तन की अनुमति भी फिलहाल न दी जाए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए संबंधित विभागों और तहसीलों को निर्देशित किया है कि प्रभावित गांवों में किसी भी प्रकार का भूमि हस्तांतरण अथवा सरकारी भूमि का आवंटन न किया जाए।

किन परियोजनाओं के लिए हो रहा अधिग्रहण
गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना गंगा नदी के किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से रिंग रोड तक प्रस्तावित है। वहीं वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और रिंग रोड को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। दोनों परियोजनाओं को वाराणसी में यातायात दबाव कम करने और शहर के भीतर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

41 गांव 
आदेश के अनुसार गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर से सदर तहसील के 11 गांव प्रभावित हैं, जबकि वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के तहत सदर और पिंडरा तहसील के कुल 30 गांव प्रभावित होंगे। गंगा एलिवेटेड प्रोजेक्ट से प्रभावित गांवों में रमना, डोमरी, सीरगोवर्धनपुर, छित्तुपुर, भगवानपुर, सुजाबाद, नगवा, नरिया, कोदोपुर, किला कोहना, रामनगर, वाजिदपुर शामिल हैं। वहीं वरुणा एलिवेटेड प्रोजेक्ट के लिए हुकुलगंज, शहरखास, पहाड़पुर, भरथरा, पिसौर, दनियालपुर, छितौनी, कोटवा, किला कोहना, इद्रपुर, सिकरौल, बड़ागांव प्रथम, खजुरी, घौसाबाद, चौकाघाट, जैतपुरा, काजी सहदुल्लापुर, अलईपुर, मकदुमपुर, भदऊ, कज्जाकपुरा व कैंटोमेंट, जेलखाना शामिल हैं। 
पिंडरा तहसील से महादेवपुर, सरायकाजी, लुच्चपुर, दुनियापुर, करोमा, धनेसरी, बैजलपट्टी, दासपुर, कोइराजपुर, शाबुद्दीनपुर, पश्चिमपुर, चमांव, कोइरान, अहिरान, अनंगपुर, भगतुपुर, वाजिदपुर, प्रतापपट्टी और मंशापुर शामिल हैं।  

प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी होने तक यह रोक प्रभावी रहेगी। संबंधित उपजिलाधिकारियों और तहसील प्रशासन को आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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