भीषण गर्मी में राहत की पहल: शहर उत्तरी विधानसभा के प्रमुख चौराहों पर लगे आरओ वाटर कूलर, अब 14 स्थानों पर ठंडे पेयजल की सुविधा
वाराणसी। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच आम लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से वाराणसी उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर आरओ युक्त वाटर कूलर स्थापित किए जा रहे हैं। प्रमुख चौराहों, व्यस्त बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शुद्ध एवं ठंडे पेयजल की व्यवस्था किए जाने से राहगीरों, मजदूरों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

विधायक एवं प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पहले चरण में विधानसभा क्षेत्र में आठ वाटर कूलर लगाए गए थे। अब जनता की मांग और बढ़ती गर्मी को देखते हुए छह नए वाटर कूलर और स्थापित किए जा रहे हैं। इसके बाद उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में कुल 14 आरओ युक्त वाटर कूलर आमजन की सेवा के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सभी वाटर कूलरों में आधुनिक रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और ठंडा पेयजल उपलब्ध होगा। गर्मी के मौसम में सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की व्यवस्था हजारों लोगों के लिए राहत का माध्यम बनेगी और उन्हें शुद्ध पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने इस अवसर पर जल संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि "जल ही जीवन है" और इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, लेकिन पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचें। उन्होंने कहा कि वाहनों की धुलाई, सड़कों पर पानी बहाने और अन्य गैरजरूरी कार्यों में पानी का अत्यधिक उपयोग भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
उन्होंने कहा कि जल एक सीमित प्राकृतिक संसाधन है और यदि आज इसका संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जल बचाने का संकल्प लेना चाहिए।

क्षेत्र में लगाए जा रहे वाटर कूलरों की स्थानीय नागरिकों ने भी सराहना की है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर ठंडे और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से दैनिक यात्रियों, रिक्शा चालकों, दुकानदारों, मजदूरों और आम नागरिकों को काफी सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर शहर उत्तरी विधानसभा के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

