सावन 2026 में बन रहे दुर्लभ ज्योतिषीय योग, नागपंचमी-सोमवार का विशेष संयोग, जानिये क्या होगा प्रभाव
वाराणसी। वर्ष 2026 का सावन मास धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार सावन के दौरान कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जो शिव उपासना, धार्मिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष फलदायी माने जा रहे हैं। खासकर सावन के तीसरे सोमवार को बनने वाला नागपंचमी और सोमवार का महासंयोग श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विशेषज्ञ प्रो. विनय कुमार पांडे के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को सावन का तीसरा सोमवार और नागपंचमी एक ही दिन पड़ रहे हैं। यह संयोग अत्यंत दुर्लभ माना जाता है और लगभग 23 वर्षों बाद पुनः बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करने तथा बेलपत्र अर्पित करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इससे राहु-केतु से जुड़े दोषों के निवारण में भी लाभ मिलता है।
इस विशेष दिन की एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि नागपंचमी के साथ सिंह संक्रांति का भी संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश को संक्रांति कहा जाता है। जब श्रावण मास के सोमवार को सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करता है तो इसे विशेष योग माना जाता है। प्राचीन ज्योतिषीय ग्रंथों में इस स्थिति को महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों से जोड़कर देखा गया है।
हालांकि ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि इस योग का सकारात्मक प्रभाव भी व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है। सोमवार का संबंध चंद्रमा से माना जाता है, जो मानसिक शांति, संतुलन और जनकल्याण का प्रतीक है। ऐसे में यह संयोग समाज में सौहार्द, संतोष और सकारात्मक ऊर्जा के संचार का संकेत भी माना जा रहा है।
सावन के साथ-साथ वर्ष 2026 का रक्षाबंधन पर्व भी विशेष महत्व रखता है। 28 अगस्त को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन पर भद्रा काल का प्रभाव नहीं रहेगा, जिससे पूरे दिन राखी बांधने का अवसर मिलेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह आरंभ होकर 28 अगस्त की सुबह समाप्त होगी। शुभ मुहूर्त में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। इन विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण सावन और रक्षाबंधन दोनों पर्वों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह और धार्मिक आस्था का वातावरण बना हुआ है।

