रंगभरी एकादशी : काशी विश्वनाथ धाम में सजी भव्य सांस्कृतिक संध्या, ‘शिवार्चनम’ मंच पर बही भक्तिरस की धारा

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। पावन रंगभरी एकादशी के शुभ अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर स्थित शंकराचार्य चौक के ‘शिवार्चनम्’ मंच पर भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को भक्ति, संगीत और संस्कृति के दिव्य संगम का अनुभव कराया।

123

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रतिष्ठित कलाकारों ने भगवान शिव की महिमा पर आधारित भजन, स्तुतियां और शास्त्रीय प्रस्तुतियां देकर समूचे धाम परिसर को भक्तिमय बना दिया। काशी की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का सजीव चित्रण इन प्रस्तुतियों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

123

सांस्कृतिक संध्या का प्रमुख आकर्षण ब्रज के रसियारों द्वारा प्रस्तुत ‘रास’ एवं ‘फूलों की होली’ रहा। इस मनोहारी प्रस्तुति ने दर्शकों को ब्रज की लोक-संस्कृति और उत्सवी परंपरा से जोड़ दिया। रंग और रस से सराबोर इस आयोजन ने पूरे वातावरण को उल्लास और भक्ति से परिपूर्ण कर दिया।

123

संगीत की मधुर स्वर लहरियों ने कार्यक्रम में विशेष गरिमा जोड़ी। सुनील प्रसन्ना एवं उनके सह-कलाकारों ने शहनाई वादन की मनोहारी प्रस्तुति दी, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं पूनम श्रीवास्तव के भावपूर्ण भजन गायन ने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव में डुबो दिया।

123

इसके अतिरिक्त श्री काशी रास विद्या वृंद, शिवम सिंह, राधिका मिश्रा, शुभम सृतिक, वृष्टि चक्रवर्ती, राजन तिवारी एवं प्रिया सिंह ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से सांस्कृतिक संध्या को गरिमामय बनाया। कार्यक्रम के दौरान “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा धाम परिसर गुंजायमान रहा।

123

समापन अवसर पर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की मंगलकामना की गई। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि काशी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सफल रहा।

123

123

123

123

123

123

123

Share this story