Ramnagar ki Ramlila : दूसरे चरण का स्वर परीक्षण भी रहा अधूरा, मुख्य स्वरूपों का चयन टला
वाराणसी। अनंत चतुर्दशी से प्रारंभ होने वाली रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला में भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के मुख्य स्वरूपों के चयन की प्रक्रिया अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सकी है। दूसरे चरण के स्वर परीक्षण के बावजूद पात्रों का अंतिम चयन नहीं हो पाया। अब चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अधिक संख्या में बालकों को अवसर देने की तैयारी की जा रही है।

रामनगर किले के जवाहिरखाना की छत पर आयोजित स्वर परीक्षण में काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह की उपस्थिति में कुल 16 बालकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने रामचरितमानस की चौपाइयों का सस्वर पाठ कर अपनी आवाज, उच्चारण, स्पष्टता और प्रस्तुति का प्रदर्शन किया। चयन समिति ने प्रत्येक प्रतिभागी के स्वर, संवाद अदायगी और मंचीय क्षमता का बारीकी से मूल्यांकन किया।
हालांकि, इस बार स्वर परीक्षण में अपेक्षाकृत कम संख्या में बालकों की भागीदारी होने के कारण चयन समिति किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद काशीराज अनंत नारायण सिंह ने संबंधित पदाधिकारियों और आयोजकों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक योग्य बालकों को स्वर परीक्षण में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि सभी प्रतिभाशाली बच्चों को समान अवसर मिल सके और रामलीला के मुख्य स्वरूपों का चयन पूरी पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के आधार पर किया जा सके।

रामनगर की रामलीला देश ही नहीं, दुनिया भर में अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। इसमें भगवान श्रीराम सहित अन्य प्रमुख पात्रों के चयन के लिए स्वर, उच्चारण, अभिनय क्षमता, अनुशासन और धार्मिक संस्कारों को विशेष महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि चयन प्रक्रिया अत्यंत सावधानी और कई चरणों में पूरी की जाती है।
आयोजकों का कहना है कि आगामी चरण में अधिक संख्या में प्रतिभागियों को बुलाकर पुनः स्वर परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ही श्रीराम, जानकी, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की भूमिकाएं निभाने वाले अंतिम स्वरूपों की घोषणा की जाएगी। रामनगर रामलीला के प्रति श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में इस चयन प्रक्रिया को लेकर हमेशा विशेष उत्साह बना रहता है।

