Ramnagar ki Ramlila: द्वितीय गणेश पूजन में गूंजी रामचरितमानस की मंगलध्वनि, बालकांड की चौपाइयां सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
वाराणसी। रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला के आयोजन से पहले होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की कड़ी में द्वितीय श्री गणेश पूजन विधि-विधान से संपन्न हुआ। करीब दो घंटे चले पूजन और पाठ के दौरान वातावरण राममय रहा। श्रद्धालुओं ने गणेश वंदना, संकल्प पूजन और रामचरितमानस के बालकांड का पाठ सुनकर आध्यात्मिक अनुभूति की। आयोजन में जीवन मूल्यों, श्रद्धा और संस्कारों को आत्मसात करने का संदेश भी दिया गया।

पूजन के दौरान रामायणी दल ने नारद वाणी में विनयपत्रिका की पंक्ति ‘गाइए गणपति जग वंदन, शंकर सुवन भवानी के नंदन’ का गायन किया। मंगलाचरण की भक्तिमय प्रस्तुति से वातावरण भक्तिरस से भर गया। इसके बाद ‘मागत तुलसीदास कर जोरे। बसहु राम-सिय मानस मोरे॥’ का पाठ हुआ। श्रद्धालुओं ने इसे प्रभु श्रीराम और माता सीता के हृदय में वास की कामना से जोड़ा।

प्रति वर्ष की परंपरा के अनुसार रामलीला अधिकारी पाठक जी ने जजमान के रूप में पंडित श्री रामनारायण पांडेय से संकल्प पूजन कराया। संकल्प का उद्देश्य रामलीला के अनुष्ठान से राजा, प्रजा, लीला देखने-सुनने वाले श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं के कल्याण की कामना करना रहा। पंडित रामनारायण पांडेय और शांत नारायण पांडेय ने वैदिक विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। इसमें पंच स्वरूप-श्रीराम, सीता, भरत, शत्रुघ्न और लक्ष्मण के साथ वशिष्ठ, दशरथ, रामलीला व्यास, रामायणी दल और अन्य सहायक पात्र शामिल रहे।

पूजन के बाद बालकांड में मंगलाचरण से सात दोहे तक का नारद वाणी में पाठ किया गया। रामचरितमानस के पदों और चौपाइयों को सुनकर लीला प्रेमी भावविभोर हो उठे। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम की आगामी लीलाओं की प्रतीक्षा के भाव के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

