काशी रेलवे स्टेशन के मेगा प्रोजेक्ट के लिए हटेगी रेलवे कॉलोनी, मंदिर भी होंगे विस्थापित
वाराणसी। काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को गति देने के लिए रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर से सटी गंगा रेलवे कॉलोनी को खाली कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। स्टेशन के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए कॉलोनी में स्थित आवासों को हटाया जाएगा। इसके लिए रेलवे प्रशासन ने कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को मकान खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है।
काशी रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण की योजना के तहत स्टेशन के आसपास की भूमि को परियोजना में शामिल किया जा रहा है। इसी क्रम में गंगा रेलवे कॉलोनी के निवासियों को निर्धारित समय के भीतर अपने आवास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को रेलवे प्रशासन की ओर से कॉलोनी को खाली कराने और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की गई।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कॉलोनी में स्थित करीब 30 दो मंजिला रेलवे आवासों को पुनर्विकास योजना के तहत हटाया जाएगा। इसके अलावा स्टेशन क्षेत्र के आसपास मौजूद कुछ अन्य संरचनाओं को भी परियोजना के लिए विस्थापित किया जाएगा। पुनर्विकास योजना के दायरे में कृष्ण-हनुमान मंदिर और उसके पीछे स्थित पार्क भी आ रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने इन दोनों स्थलों को भी परियोजना के अनुरूप अन्यत्र स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू कर दी है। मंदिरों के विस्थापन को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप देने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा बढ़ते यात्री भार को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। स्टेशन पुनर्विकास परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और स्टेशन की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
गौरतलब है कि काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास को रेलवे की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इसके तहत स्टेशन भवन, यात्री सुविधाओं, यातायात प्रबंधन और आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेलवे प्रशासन का दावा है कि परियोजना पूर्ण होने के बाद काशी रेलवे स्टेशन आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित होगा।

