बीएचयू अस्पताल में गार्ड के व्यवहार पर उठे सवाल, मरीज के परिजनों ने लगाया अभद्रता और धमकी देने का आरोप

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वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल स्थित बाल रोग विभाग में भर्ती एक मासूम मरीज के परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड के खिलाफ अभद्र व्यवहार और अमानवीय रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, बाल रोग विभाग की एक यूनिट में बेड संख्या 24 पर भर्ती शैलेश नामक बच्चे का इलाज चल रहा है। परिजनों का कहना है कि बच्चे की मां वार्ड के अंदर उसे भोजन करा रही थीं। इसी दौरान एक सुरक्षा गार्ड वहां पहुंचा और उन्हें तत्काल वार्ड से बाहर जाने के लिए कहने लगा। परिजनों के अनुसार, उन्होंने गार्ड से अनुरोध किया कि बच्चे को खाना खिलाने में कुछ समय और लगेगा, इसलिए थोड़ी देर की मोहलत दी जाए। आरोप है कि गार्ड ने उनकी बात सुनने के बजाय कठोर और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

परिजनों का दावा है कि गार्ड ने न केवल उनके साथ असम्मानजनक व्यवहार किया बल्कि जल्द बाहर न निकलने पर मरीज का डिस्चार्ज करवा देने जैसी धमकी भी दी। इस दौरान वार्ड में मौजूद अन्य तीमारदारों और मरीजों के परिजनों ने भी गार्ड के व्यवहार पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि अस्पताल में आने वाले लोग पहले से ही अपने मरीजों की बीमारी को लेकर मानसिक तनाव में रहते हैं, ऐसे में सुरक्षा कर्मियों से संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।

घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है। वीडियो में परिजनों और सुरक्षा गार्ड के बीच तीखी बहस और कहासुनी होती दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है। 

बीएचयू अस्पताल में सुरक्षा गार्डों के व्यवहार को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं। मरीजों और तीमारदारों द्वारा समय-समय पर गार्डों पर अनावश्यक सख्ती, अभद्रता और असंवेदनशील रवैये के आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन द्वारा व्यवस्था सुधारने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उन दावों पर सवाल खड़े करती हैं।

पीड़ित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित सुरक्षा गार्ड के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिवारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि चिकित्सा संस्थानों के प्रति लोगों का भरोसा कायम रह सके। फिलहाल मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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