सीर गोवर्धनपुर में तैनात रहेगी क्यूआरबी, 24 घंटे निगरानी, समस्याओं का होगा त्वरित निस्तारण
वाराणसी। संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर सीर गोवर्धनपुर स्थित उनकी जन्मस्थली पर आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के वाराणसी पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर निगम और प्रशासन ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। कार्यक्रम और आसपास के इलाकों में निगरानी और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए क्यूआरटी का गठन किया गया है।
नगर निगम के अनुसार, 29 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी संत रविदास मंदिर पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासनिक तैयारियों को और तेज कर दिया गया है। मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
महापौर अशोक कुमार तिवारी के निर्देश पर नगर निगम ने सीर गोवर्धनपुर और श्रद्धालुओं के आवागमन वाले प्रमुख मार्गों के लिए विशेष क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) का गठन किया है। यह टीम चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर किसी भी प्रकार की समस्या का तत्काल समाधान करेगी। यदि कहीं सीवर ओवरफ्लो, पेयजल आपूर्ति में बाधा, स्ट्रीट लाइट खराब होने या सफाई से जुड़ी कोई शिकायत मिलती है, तो टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर उसका निस्तारण करेगी।
नगर निगम के अधिकारी आयोजन के दौरान सीर गोवर्धनपुर क्षेत्र में कैंप करेंगे और सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करेंगे। इसके साथ ही सफाई कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती, कूड़ा निस्तारण की विशेष व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
नगर निगम का कहना है कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि सीर गोवर्धनपुर पहुंचने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर नागरिक सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, जिससे यह ऐतिहासिक आयोजन सफल, सुव्यवस्थित और यादगार बन सके।

