श्री काशी विश्वनाथ धाम में 4 मार्च को होगी पुष्प होली, सुबह 9 से 12 बजे तक आयोजन, तैयारियों को लेकर अफसरों ने की बैठक
वाराणसी। आगामी 4 मार्च 2026 को मनाए जाने वाले होली पर्व के सफल आयोजन और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित सभागार (बोर्ड रूम) में शुक्रवार को महत्वपूर्ण समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस विभाग, सीआरपीएफ, धाम में कार्यरत प्राइवेट सफाई एजेंसी, प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी तथा मंदिर प्रशासन के अधिकारी एवं अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि होली के दिन धाम स्थित शंकराचार्य चौक में प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए “पुष्प होली” का आयोजन किया जाएगा।

श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए विशेष तैयारी
बैठक में होली के अवसर पर बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया कि श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण में पर्व का अनुभव मिल सके।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा धाम परिसर
होली पर्व की गरिमा को ध्यान में रखते हुए कलाकारों द्वारा विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। इसमें भजन, पारंपरिक होली गीत और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहेंगे। आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण में उत्सव का आनंद प्रदान करना है।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद
सुरक्षा के मद्देनजर धाम परिसर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सीआरपीएफ और प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से प्रवेश और निकास द्वारों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही सीसीटीवी कैमरों से सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

केमिकल रंगों पर रहेगा प्रतिबंध
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धाम में केमिकल युक्त रंग, अबीर या किसी भी प्रकार के हानिकारक पदार्थ लेकर न आएं। धाम की पवित्रता और संरचना की सुरक्षा को देखते हुए केवल पुष्प होली के माध्यम से ही उत्सव मनाने का आग्रह किया गया है। प्रशासन ने सभी से सहयोग की अपेक्षा की है, ताकि होली पर्व सौहार्दपूर्ण, सुरक्षित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हो सके।

