वाराणसी में विकास प्राधिकरण कर्मियों की प्रांतीय बैठक, 11 सूत्रीय मांगों पर उठा जोर
वाराणसी। विकास प्राधिकरण सभागार में शनिवार को उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण कर्मचारी संयुक्त संगठन की प्रांतीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा (आईएएस) और सचिव डॉ वेद प्रकाश मिश्रा भी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत में उपाध्यक्ष ने विभिन्न शहरों से आए पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए प्राधिकरण की छवि को मजबूत करने और विकास कार्यों में पारदर्शिता व ईमानदारी से योगदान देने का आह्वान किया। इस दौरान प्रदेश के कई प्रमुख विकास प्राधिकरणों गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, आगरा, मथुरा, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, सहारनपुर और गोरखपुर से आए प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।
वाराणसी विकास प्राधिकरण कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। बैठक में मुख्य रूप से कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और 11 सूत्रीय मांगों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने इन मांगों के समाधान में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
प्रमुख मांगों में दैनिक वेतन और वर्क चार्ज कर्मचारियों का नियमितीकरण, केंद्रीकृत सेवा नियमावली का प्रख्यापन, वेतन विसंगतियों का समाधान तथा सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल रहा। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक चिकित्सा परिचर्या नियमावली 2016 को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग भी उठाई गई।
कुछ वक्ताओं ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कोरोना काल के 18 महीनों के बकाया एरियर के भुगतान और आगामी आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण को यथावत रखने की भी मांग रखी। इसके अतिरिक्त, अप्रैल 2005 के बाद नियमित किए गए कर्मचारियों की पूर्व सेवाओं को जोड़कर पेंशन लाभ देने पर भी जोर दिया गया। बैठक में कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की समस्याओं को विस्तार से रखा। कार्यक्रम का संचालन दिवाकर द्विवेदी ने किया, जबकि समापन संतोष कुमार ओझा द्वारा किया गया।

