मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर वाराणसी में प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगा
साझा संस्कृति मंच ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, एसआईआर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और हटाए गए नामों की नई सूची जारी करने की उठाई मांग
वाराणसी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया और मतदाता सूची में नाम काटने व जोड़ने को लेकर कथित अनियमितताओं के विरोध में नागरिकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। साझा संस्कृति मंच के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम हटाने और जोड़ने के मामले में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना था कि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम शामिल करना या हटाना निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। बिना पूर्व सूचना दिए या संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए नाम हटाना मताधिकार को प्रभावित कर सकता है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने मनीष गर्ग और सिम्बा खन्ना का उल्लेख करते हुए इनके संबंध में लगाए गए आरोपों की भी जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निष्पक्ष जांच और इम्युनिटी समाप्त करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा संबंधित लोगों को कथित तौर पर प्राप्त कानूनी छूट (इम्युनिटी) समाप्त करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि चुनावी व्यवस्था पर नागरिकों का विश्वास बना रहे।
विधानसभा वार नई सूची जारी करने की मांग
साझा संस्कृति मंच ने वाराणसी की विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच कर कथित रूप से गलत तरीके से हटाए या जोड़े गए नामों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आवश्यक सुधार के बाद नई सूची जारी की जाए और प्रभावित मतदाताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने तथा उसका निस्तारण कराने का उचित अवसर मिले। प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र की रक्षा, मताधिकार की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए प्रशासन से ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

