प्रो. टीके लाहिड़ी की चिकित्सा देखभाल से हटाए गए डॉ. अरविंड पांडेय, डॉ. अतुल तिवारी को मिली जिम्मेदारी
वाराणसी। बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती पद्मश्री सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सक एवं हृदय रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. टीके लाहिड़ी की चिकित्सा देखभाल की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उनकी देखरेख कर रहे डॉ. अरविंद पांडेय को जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। अब प्रो. लाहिड़ी के उपचार और चिकित्सा देखभाल की प्रमुख जिम्मेदारी चेस्ट एंड टीबी विभाग के डॉ. अतुल तिवारी को सौंपी गई है।
हाल के घटनाक्रमों और प्रो. लाहिड़ी के साथ कथित मारपीट एवं दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच चिकित्सा व्यवस्था में हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, आईएमएस बीएचयू प्रशासन की ओर से इसे चिकित्सा देखभाल की व्यवस्था में किया गया बदलाव बताया गया है।
जनवरी से चल रहा है इलाज
जानकारी के अनुसार प्रो. टीके लाहिड़ी को इस वर्ष जनवरी में जीरियाट्रिक विभाग के प्रो. एसएस चक्रवर्ती की देखरेख में सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में टीबी संबंधी समस्या सामने आने पर उन्हें चेस्ट एंड टीबी विभाग में भर्ती किया गया, जहां डॉ. अतुल तिवारी की देखरेख में उनका उपचार शुरू हुआ।
इसके बाद इलाज के दौरान डॉ. अरविंद पांडेय भी उनकी चिकित्सा देखभाल से जुड़े रहे। हाल में प्रो. लाहिड़ी के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद उनकी देखरेख की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और प्रो. लाहिड़ी की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हुई थी।
डॉ. अतुल तिवारी के नेतृत्व में होगी निगरानी
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि प्रो. लाहिड़ी की चिकित्सा देखभाल की जिम्मेदारी शुरुआत से ही डॉ. अतुल तिवारी के पास रही है। ऐसे में अब उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
निदेशक के अनुसार प्रो. लाहिड़ी की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनकी निगरानी केवल एक विभाग तक सीमित नहीं रहेगी। जनरल मेडिसिन, न्यूरोलॉजी समेत अन्य संबंधित विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें भी उनकी नियमित देखरेख करेंगी। जरूरत के अनुसार विभिन्न विशेषज्ञों की राय लेकर उपचार किया जाएगा, ताकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
स्वास्थ्य को लेकर बनी हुई है नजर
प्रो. टीके लाहिड़ी लंबे समय तक बीएचयू के चिकित्सा संस्थान से जुड़े रहे हैं। हृदय रोग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। बीएचयू और चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों में उनके प्रति विशेष सम्मान है।

