प्रो. बिहारी लाल शर्मा फिर बने संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, तीन साल कार्यकाल बढ़ा
वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने पुनः तीन वर्षों के लिए कुलपति नियुक्त किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे शैक्षणिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताते हुए हर्ष व्यक्त किया है।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रो. शर्मा के उत्कृष्ट कार्यों, कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता और विश्वविद्यालय के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए कुलाधिपति ने उन्हें दोबारा जिम्मेदारी सौंपी है। विश्वविद्यालय परिवार ने इस निर्णय को संस्कृत शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उन्नति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नए कार्यकाल में शैक्षणिक गतिविधियों को और गति मिलने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने तथा संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान-परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
प्रो. बिहारी लाल शर्मा के पुनर्नियुक्त होने पर विश्वविद्यालय परिवार की ओर से उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। जनसंपर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और सकारात्मक गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार जताया और भविष्य में भी सहयोग की अपेक्षा की।


