जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, 14 नवंबर तक प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण पूरा करने का निर्देश
स्व-गणना 16 से 30 नवंबर तक, एक दिसंबर से शुरू होगा घर-घर सर्वेक्षण; जनगणना के आंकड़े रहेंगे पूरी तरह गोपनीय
वाराणसी। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कार्यवाही तेज कर दी है। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने और प्रगणकों व पर्यवेक्षकों की नियुक्ति तथा प्रशिक्षण समय से कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी सौंपे गए दायित्वों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
बैठक में जनगणना निदेशालय से आए उप निदेशक एवं मंडल प्रभारी अजय कुमार ने जनगणना-2027 की तैयारियों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति तथा डिजिटल माध्यम से आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना संवैधानिक और वैधानिक प्रक्रिया है, जो संविधान की संघ सूची तथा जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत संचालित की जाती है।

16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करेंगे। पांच से नौ जनवरी 2027 के बीच पुनरीक्षण राउंड आयोजित किया जाएगा। चार जनवरी की रात बेघर लोगों की गणना भी की जाएगी। इस चरण में परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित 40 प्रश्न पूछे जाएंगे।
14 नवंबर तक प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को जनगणना के कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानंद गुप्ता ने चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया कि 14 अक्टूबर तक सभी चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर प्रशिक्षण स्थलों का चयन कर लिया जाए। वहीं, 14 नवंबर तक सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्व-गणना को लेकर जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
नागरिकों के दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे
बैठक में जनगणना के आंकड़ों की गोपनीयता पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना अधिनियम की धारा-15 के तहत संबंधित आंकड़े गोपनीय होते हैं। जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति से किसी प्रकार का दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। बैठक में नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, अपर नगर आयुक्त, उपजिलाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, चार्ज अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

