पुलिस कमिश्नर ने क्राइम मीटिंग में परखी कानून व यातायात व्यवस्था, निष्क्रियता पर SOG-2 भंग, कई थानों के प्रभारी बदले 

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वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार को अपराध समीक्षा गोष्ठी और सैनिक सम्मेलन में शहर में कानून और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान लापरवाही पर सख्त रूख अख्तियार करते हुए पुलिस आयुक्त ने SOG-02 को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया तथा उसमें तैनात सभी कर्मियों को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया। बताया गया कि यूनिट का पुनर्गठन नए सिरे से किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर ने तीन थाना प्रभारियों समेत 6 निरीक्षकों-उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया है। 

6 निरीक्षक-उपनिरीक्षकों का तबादला
निरीक्षक प्रमोद कुमार पाण्डेय को मिर्जामुराद से पुलिस लाइन भेजा गया, जबकि साइबर क्राइम थाना से गोपाल जी कुशवाहा को मिर्जामुराद का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया। कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा को सिगरा, सिगरा प्रभारी संजय कुमार मिश्र को रामनगर तथा रामनगर प्रभारी राजकिशोर पाण्डेय को कैंट थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं रोडवेज चौकी प्रभारी कुमार गौरव सिंह को पुलिस लाइन भेजा गया और पुलिस आयुक्त के पीआरओ विकास सिंह को रोडवेज चौकी प्रभारी बनाया गया।

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पुलिस कर्मियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर 
सैनिक सम्मेलन में पुलिस कर्मियों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि पूर्व में प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। एनपीएस, आवास, मूलभूत सुविधाओं और कर्मचारी कल्याण से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित शाखाओं को निर्देशित किया गया। रिक्रूट आरक्षियों के आवास और एचआरए संबंधी समस्याओं के समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया।

नए रिक्रूट आरक्षियों को प्राथमिकता देने के निर्देश
अपराध समीक्षा गोष्ठी में रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। सभी थाना प्रभारियों को कहा गया कि नए आरक्षियों को सोशल मीडिया पॉलिसी की जानकारी देकर उसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। प्रतिदिन छह घंटे इनडोर और छह घंटे आउटडोर प्रशिक्षण देने के साथ बीट ड्यूटी, जनसंपर्क और थाना स्तर की कार्यप्रणाली का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी अनिवार्य किया गया। सीसीटीएनएस, ग्राम अपराध रजिस्टर, एनसीआर रजिस्टर, गुमशुदगी रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जानकारी देने के निर्देश भी जारी किए गए।

गभीर मामलों में 9 दिन में पूरी करें विवेचना
बैठक में ई-समन पोर्टल पर लंबित समनों के त्वरित निस्तारण, यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग और सभी डिजिटल व्यवस्थाओं की जानकारी प्रत्येक कर्मचारी तक पहुंचाने पर बल दिया गया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सामान्य मामलों में 60 दिन और गंभीर मामलों में 90 दिन के भीतर विवेचना पूरी कर चार्जशीट न्यायालय भेजी जाए तथा किसी भी मुकदमे को अनावश्यक लंबित न रखा जाए।

आरटीसी स्कीम का प्रभावी क्रियान्वयन 
यातायात व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। RTC Scheme के तहत चिन्हित प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी, ट्रैफिक मार्शलों की सक्रियता और जाम की स्थिति में कमी लाने के निर्देश दिए गए। तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट, रांग साइड वाहन संचालन और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए गए। साथ ही ZFD (Zero Fatality District) अभियान के तहत सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर शून्य करने के उद्देश्य से दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी बढ़ाने को कहा गया।

महिला अपराधों पर विशेष फोकस 
गोष्ठी में महिला अपराध, साइबर अपराध, गोतस्करी, चोरी, नकबजनी, धोखाधड़ी और एनडीपीएस मामलों में कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महिला संबंधी अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा व्यापारियों, उद्योग बंधुओं, पेंशनर्स और आमजन के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, आलोक प्रियदर्शी सहित सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और पुलिस कर्मी मौजूद रहे।

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