एनएसयूआई के ‘मनरेगा बचाओ मार्च’ को लेकर पुलिस अलर्ट, बीएचयू सिंह द्वार पर बढ़ी सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी 

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वाराणसी। एनएसयूआई के प्रस्तावित ‘मनरेगा बचाओ मार्च’ को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित सिंह द्वार से रविवार को एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री कार्यालय तक निकाले जाने वाले मार्च की घोषणा के बाद शनिवार से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सिंह द्वार और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न उत्पन्न हो।

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पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सिंह द्वार पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों को ब्रीफिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटने के लिए सभी अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही, शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया।

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डीआईजी शिवहरी मीणा के निर्देश पर सिंह द्वार क्षेत्र में व्यापक स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मौके पर आरपीएफ, पीएसी/पीएससी के जवानों के साथ-साथ करीब पांच थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। हजारों की संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से क्षेत्र पूरी तरह छावनी में तब्दील नजर आया। प्रशासन का उद्देश्य है कि मार्च के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

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ब्रीफिंग के उपरांत डीआईजी ने पुलिस फोर्स के साथ लंका क्षेत्र में पैदल मार्च (फ्लैग मार्च) भी किया। इस दौरान सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से लगाए गए ठेला-पटरी, ऑटो और टोटो को हटवाया गया। संबंधित लोगों को दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था और यातायात में बाधा डालने वाले अतिक्रमण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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इस दौरान एडीसीपी टी. सरवन, एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार, एसीपी रोहनिया, एसीपी लंका, लंका थाना प्रभारी सहित कई चौकी प्रभारी और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मार्च को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्राथमिकता है, लेकिन किसी भी तरह की अराजकता, उकसावे या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती और व्यापक तैयारी से साफ है कि एनएसयूआई के मनरेगा बचाओ मार्च को लेकर वाराणसी पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

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