पूरे शहर में पीएनजी, किरायेदारों को भी कनेक्शन, प्रशासन और गेल ने बनाई रणनीति
वाराणसी। रसोई गैस को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी की कमी के बीच अब पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित गैस आपूर्ति मिल सकेगी। शत-प्रतिशत घरों तक पीएनजी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। किरायेदारों को भी इसका कनेक्शन देने की योजना है, ताकि उन्हें एपीजी सिलेंडर के लिए भटकना न पड़े। जिला प्रशासन और गेल गैस की ओर से रणनीति तैयार की गई है।

GAIL के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एच.के. गर्ग ने मंडलायुक्त एस. राज लिंगम और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के साथ पत्रकारों को बताया कि शहर में पीएनजी नेटवर्क का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 69,485 घरों में पीएनजी की सप्लाई हो रही है, जबकि 1.23 लाख से अधिक घरों में इसका इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है। प्रशासन और गेल मिलकर रोजाना करीब 130 घरों को एलपीजी से पीएनजी में परिवर्तित कर रहे हैं। बीएचयू, डीएलडब्ल्यू, सुंदरपुर, चितईपुर, पांडेपुर, शिवपुर और सारनाथ सहित कई इलाकों में यह सुविधा पहुंच चुकी है।

जिन क्षेत्रों में अभी कार्य जारी है, वहां लोगों की सुविधा के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन कैंपों में जाकर जल्द पंजीकरण कराएं और पीएनजी कनेक्शन लें। अधिकारियों के अनुसार, जहां पीएनजी नेटवर्क पूरी तरह तैयार हो जाएगा, वहां के इलाकों को धीरे-धीरे एलपीजी मुक्त घोषित किया जाएगा। ऐसे क्षेत्रों में पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य किया जा सकता है। पीएनजी कनेक्शन के लिए लोगों को क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पंजीकरण के बाद कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू होगी।

मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बताया कि इसकी मानीटरिंग रोजाना हो रही है। धर्मशालाएं, स्कूलों में एमडीएम और घरेलू इस्तेमाल के लिए एपीजी की कोई कमी नहीं है। हमारे पास पीएनजी कनेक्शन का नेटवर्क पहले से है। यदि इसका सहारा लेंगे तो इस परिस्थिति में हमारे लिए लाभ रहेगा। उपभोक्ताओं को हर वक्त गैस मिलेगी। सिलेंडर जैसी समस्या नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि शहर में पीएनजी के लिए गेल सहयोग के लिए तैयार है। जिन क्षेत्रों में कनेक्शन दे दिया गया है लेकिन उसे अभी शुरू नहीं किया गया है, उसकों प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराने की पहल की जा रही है। वहीं जहां डिमांड है, वहां भी पीएनजी सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है। पूरे शहर को पीएनजी सुविधायुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा, सप्लाई और उपयोगिता के लिहाज से पीएनजी सबसे उपयुक्त है। वर्तमान समय में 30 टीमें काम कर रही हैं। जिस तरह से डिमांड बढ़ेगी, उसके हिसाब से टीमों की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी। एक टीम प्रतिदिन तीन से चार घरों को कनेक्शन कर रही है। उन्होंने लोगों से घबराने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, एलपीजी की कोई कमी नहीं है। ऐसे में घबराकर अधिक से अधिक से स्टॉक करने की कोशिश न करें, वरना स्थिति खराब हो सकती है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
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