काशी की बाढ़ पर पीएम मोदी ने डीएम से लिया फीडबैक, राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश

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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को लेकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर बातचीत कर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने गंगा के बढ़ते जलस्तर, घाटों पर पानी की स्थिति, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तथा जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों का फीडबैक लिया। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद सुनिश्चित करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से अस्सी घाट, दविदास घाट, जलवरिया और नंदी घाट समेत विभिन्न क्षेत्रों में गंगा के जलस्तर और पानी के फैलाव की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि किन-किन इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है और प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन तथा नगर निगम की ओर से क्या व्यवस्थाएं की गई हैं। राहत शिविरों, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर भी स्थिति की जानकारी ली गई।

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प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए जिला प्रशासन एवं नगर निगम की टीमें पूरी तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी रहें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जाए। प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया।

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जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री को वाराणसी की वर्तमान बाढ़ स्थिति के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी से भी फोन पर बातचीत कर बाढ़ की स्थिति का फीडबैक लिया। महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने काशी की स्थिति, गंगा के बढ़ते पानी और विभिन्न घाटों पर जलस्तर के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्सी घाट, दविदास घाट, जलवरिया और नंदी घाट सहित कई क्षेत्रों की स्थिति के बारे में भी पूछा।

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अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों ने प्रभावित मोहल्लों, तटवर्ती इलाकों और जलभराव वाले स्थानों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानी गईं और संबंधित विभागों की टीमों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रशासन की टीमें गंगा के जलस्तर, जलभराव, राहत शिविरों, आवागमन और प्रभावित लोगों की जरूरतों पर लगातार नजर रख रही हैं। आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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