तप, परिश्रम और साधना से पीएम मोदी ने कराया नए भारत का दर्शन : योगी आदित्यनाथ
- काशी से वडनगर ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के उद्घाटन समारोह में बोले मुख्यमंत्री
- बिना रुके-बिना झुके 25 साल से चल रही मोदी जी की सेवा यात्रा : सीएम योगी
- अब दुनिया से आंख मिलाकर बात करता है भारत : मुख्यमंत्री
- विकास और विरासत का संगम है नया भारत : सीएम योगी
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर काशी से गुजरात के वडनगर तक शुरू हुई ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक यात्रा को केंद्र में रखते हुए संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि एक सामान्य परिवार से निकले नरेंद्र मोदी ने तप, परिश्रम और साधना के बल पर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाया और आज दुनिया के प्रमुख नेताओं में उनकी पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के 25 वर्ष पूरे होंगे।
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडु, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और भाजयुमो के पदाधिकारी मौजूद रहे। यहां से काशी-वडनगर सेवा संकल्प बाइक यात्रा को रवाना किया गया।
बिना रुके, बिना झुके... चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ बढ़ते रहे मोदी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण है। 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और अब 7 अक्टूबर 2026 को संवैधानिक पद पर उनकी सेवा के 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि तब से बिना रुके, बिना झुके, चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ उन्होंने इस यात्रा को आगे बढ़ाया। तप, परिश्रम और साधना से आज भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी गौरवशाली यात्रा हमें एक नए भारत का दर्शन करा रही है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा भारत है जो सुरक्षित है, अपनी विरासत पर गर्व करता है और दुनिया से आंख से आंख मिलाकर बात करता है।
एक यात्रा 75 साल पहले वडनगर से शुरू हुई थी
मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की व्यक्तिगत यात्रा को वडनगर से जोड़ते हुए कहा कि एक यात्रा 75 वर्ष पहले गुजरात के वडनगर में एक सामान्य परिवार से शुरू हुई थी। आज उसी परिवार से निकले नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने गरीबी से निकलकर अथक परिश्रम और अपने विजन के जरिए सामान्य नागरिकों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है। उन्होंने आवास, शौचालय, उज्ज्वला, बिजली, बैंकिंग और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए इन्हें पिछले वर्षों में हुए बदलाव से जोड़ा।
काशी का जल पहुंचेगा वडनगर, गुजरात की नदियों का जल आएगा बाबा विश्वनाथ के धाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा संकल्प के इसी भाव को स्मरणीय बनाने के लिए काशी और वडनगर को जोड़ने वाली यात्राएं निकाली जा रही हैं। काशी से उत्तर प्रदेश की पवित्र नदियों का जल लेकर यात्राएं अलग-अलग मार्गों से वडनगर जाएंगी, जबकि गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर सेवा यात्री काशी पहुंचेंगे। आयोजकों के अनुसार यात्राएं 10 राज्यों, 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों से गुजरेंगी। सीएम योगी ने इसे ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करने वाली यात्रा बताया और इसमें शामिल युवाओं को शुभकामनाएं दीं।
गरीब के घर से नारी गरिमा तक बदलाव की कहानी
सीएम योगी ने कहा कि मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा का बदलाव गांव और गरीब के घर में देखा जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में चार करोड़ लोगों को आवास और 12 करोड़ शौचालय उपलब्ध कराए गए। उन्होंने उज्ज्वला योजना, गांवों के विद्युतीकरण और बैंकिंग सुविधाओं का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन महिलाओं को कभी घर में शौचालय न होने के कारण अंधेरा होने का इंतजार करना पड़ता था, उनके लिए बने शौचालय नारी गरिमा के प्रतीक बने हैं। युवाओं को बिना सिफारिश और लेन-देन के योग्यता के आधार पर अवसर मिलने तथा स्टार्टअप के जरिए युवाओं के नौकरी देने वाला बनने की बात भी उन्होंने कही।
अब भारत को दुनिया शक की निगाह से नहीं देखती
मुख्यमंत्री ने वंदे भारत, नमो भारत, मेट्रो, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, एआई मिशन, ड्रोन टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स का जिक्र करते हुए कहा कि नया भारत आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब भारत को दुनिया शक की निगाह से नहीं देखती। हम बॉटम फाइव में नहीं, टॉप फोर इकॉनमी में हैं।
विकास भी, विरासत का सम्मान भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया भारत विकास के साथ अपनी विरासत का भी सम्मान करता है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, विंध्यवासिनी धाम कॉरिडोर, केदारपुरी, बद्रीनाथ धाम और महाकाल कॉरिडोर के साथ 2025 के प्रयागराज महाकुंभ का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग को वैश्विक पहचान मिलने से लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास तक की यात्रा “विकास और विरासत के अद्भुत समन्वय” को दिखाती है।
उन्होंने कहा कि काशी से वडनगर की यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की सेवा यात्रा को फिर से स्मरण करने का अवसर है। यह यात्रा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’, विरासत और विकास का संदेश लेकर आगे बढ़ेगी और अपने प्रत्येक पड़ाव पर अपनी छाप छोड़ेगी।
देखें वीडियो

