BHU में कर्मचारियों को मिली आंशिक राहत, नियमितीकरण पर बनी सहमति, ADM और DCP से हुई वार्ता
वाराणसी। बीएचयू में लंबे समय से नियमितीकरण की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों का आंदोलन अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। कर्मचारियों के नियमितीकरण पर सहमति बनी है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के करीब 3010 रिक्त पदों के बीच दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों ने पिछले 18 दिनों से मधुबन परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रखा था, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों पर दबाव बढ़ता जा रहा था।

स्थिति को संभालने के लिए जिला प्रशासन की पहल पर कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच वार्ता आयोजित की गई। इस बैठक में ADM सिटी, DCP काशी जोन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि बड़ी संख्या में आंदोलनरत कर्मचारी भी इसमें शामिल हुए। बातचीत के दौरान कर्मचारियों की प्रमुख मांग नियमितीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत विश्वविद्यालय में खाली पड़े पदों में से 25 प्रतिशत पदों को पूर्व से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों से भरा जाएगा। इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे कार्यकारीणी परिषद से मंजूरी दिलाने का आश्वासन दिया है।

इसके अलावा, कर्मचारियों के हित में एक और बड़ा फैसला लिया गया। तय हुआ कि सभी दैनिक और संविदा कर्मियों का श्रेणीवार पैनल तैयार किया जाएगा, ताकि नियमितीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक इस पैनल के अंतर्गत सभी पात्र कर्मचारियों का समायोजन नहीं हो जाता, तब तक नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन ने 30 अप्रैल को प्रस्तावित जूनियर क्लर्क भर्ती परीक्षा को स्थगित करने पर भी सहमति जताई है, जिससे आंदोलनरत कर्मचारियों को तत्काल राहत मिली है। हालांकि कर्मचारियों ने इस फैसले को आंशिक जीत बताया है, लेकिन उन्होंने पूरी तरह संतुष्टि नहीं जताई। फिलहाल उन्होंने अपना धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि प्रस्ताव को जल्द ही आगे बढ़ाकर नियमितीकरण की प्रक्रिया को गति दी जाएगी, जिससे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सके।

