काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट पर पीएसी जवान की कार्बाइन से चली गोली, तीन घायल, मची अफरातफरी
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर-4 पर शनिवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ड्यूटी पर तैनात 48वीं वाहिनी पीएसी के जवान अमरनाथ चौहान के हाथ से अचानक कार्बाइन नीचे गिर गई, जिससे दुर्घटनावश दो राउंड फायर हो गए। राहत की बात यह रही कि गोलियां किसी व्यक्ति को लगने की बजाय सड़क पर लगीं। सड़क से उछले पत्थर और गिट्टी से तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शनिवार की सुबह करीब 7:30 बजे मंदिर के गेट नंबर-4 पर श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी। इसी दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवान की कार्बाइन हाथ से फिसलकर जमीन पर गिर गई। कार्बाइन गिरते ही उससे अचानक दो गोलियां चल गईं। दोनों गोलियां सड़क पर जाकर लगीं, जिससे सड़क की गिट्टी और छोटे-छोटे पत्थर तेज गति से उछलकर आसपास खड़े लोगों को जा लगे।

इस घटना में मंदिर के बाहर माला-फूल का कारोबार करने वाले निक्की गुप्ता, रामबाबू और विकास यादव घायल हो गए। गोली चलने की तेज आवाज सुनते ही श्रद्धालुओं और दुकानदारों में दहशत फैल गई। कुछ क्षणों के लिए लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए हालात पर काबू पा लिया।

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तीनों घायलों को मंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार किसी भी घायल को गोली नहीं लगी है। सड़क से उछले पत्थर और गिट्टी लगने से उन्हें मामूली चोटें आई हैं और सभी की हालत खतरे से बाहर है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार्बाइन जवान के हाथ से फिसलकर गिरने के कारण ट्रिगर सक्रिय हो गया, जिससे दो राउंड फायर हुए। पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि हथियार के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं। यदि जांच में लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित पीएसी जवान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक गंभीर मानी जाती है। हालांकि इस घटना में किसी श्रद्धालु को गोली नहीं लगी और समय रहते स्थिति नियंत्रित हो जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।

