करवा चौथ पर वेज बर्गर ऑर्डर किया, निकला चिकन, दो घंटे इंतजार के बाद मिली गलत डिलीवरी, अधिवक्ता ने McDonald’s और Swiggy की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
वाराणसी। ऑनलाइन फूड डिलीवरी में लापरवाही का मामला सामने आया है। करवा चौथ के दिन शाकाहारी भोजन का ऑर्डर देने वाले एक परिवार को वेज बर्गर की जगह चिकन बर्गर पहुंचा दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि ऑर्डर मिलने में करीब दो घंटे से अधिक की देरी भी हुई। शाकाहारी भोजन के नाम पर नॉनवेज परोसे जाने से परिवार के लोग परेशान हो गए। मामले में अधिवक्ता प्रशांत कुमार विश्वकर्मा ने McDonald’s और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म Swiggy की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूरे ऑर्डर का रिफंड, उचित मुआवजा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रशांत कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि वह कचहरी में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस करते हैं। करवा चौथ के दिन वह किसी काम से गोरखपुर गए हुए थे, जबकि उनका परिवार वाराणसी स्थित घर पर था। परिवार के लिए उन्होंने Swiggy के माध्यम से सिगरा स्थित McDonald’s आउटलेट से वेज बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और कोल्ड ड्रिंक का ऑर्डर किया था। इसकी डिलीवरी दुर्गाकुंड के कृष्णदेव नगर क्षेत्र में होलिका मैदान, शुकुलपुरा स्थित उनके पते पर होनी थी।
शाम 4:45 बजे किया ऑर्डर, रात 7:30 बजे पहुंचा
अधिवक्ता के मुताबिक, उन्होंने शाम करीब 4:45 बजे ऑनलाइन ऑर्डर बुक किया था, लेकिन डिलीवरी शाम करीब 7:30 बजे पहुंची। इस तरह परिवार को खाने के लिए लगभग पौने तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि डिलीवरी में देरी को लेकर उन्होंने कोई विवाद नहीं किया। डिलीवरी से जुड़े लोगों की ओर से बताया गया कि रास्ते में गाड़ी पंचर हो गई थी और मोबाइल फोन भी चार्ज नहीं था। उन्होंने इन परिस्थितियों को स्वीकार करते हुए भोजन मिलने का इंतजार किया।
हालांकि, भोजन पहुंचने के बाद परेशानी और बढ़ गई। प्रशांत का आरोप है कि उनके बच्चे ने जब बर्गर खाना शुरू किया तो उसमें चिकन होने की जानकारी हुई। परिवार ने वेज बर्गर समझकर ऑर्डर दिया था, लेकिन पैकेट में नॉनवेज बर्गर पहुंचा दिया गया था। इससे परिवार के लोग हैरान रह गए। उनका कहना है कि शाकाहारी भोजन का स्पष्ट ऑर्डर देने के बावजूद नॉनवेज पहुंचना गंभीर लापरवाही है।
मैनेजर ने गलती स्वीकारने का किया दावा
प्रशांत ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने McDonald’s के सिगरा आउटलेट के मैनेजर विशाल से फोन पर संपर्क किया। उनका दावा है कि बातचीत के दौरान मैनेजर ने भी बर्गर में चिकन होने की बात स्वीकार की। अधिवक्ता के अनुसार, उनके पास गलत डिलीवरी से संबंधित तस्वीरें और मैनेजर के साथ हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद है। उनका कहना है कि इन साक्ष्यों से मामले की जांच की जा सकती है।
रिफंड के साथ मुआवजे की मांग
अधिवक्ता ने संबंधित कंपनियों से पूरे ऑर्डर की धनराशि वापस करने के साथ उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि इसे केवल डिलीवरी की सामान्य गलती मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। खाद्य पदार्थों की पैकिंग, पहचान और डिलीवरी से पहले जांच की जिम्मेदारी संबंधित प्रतिष्ठान और डिलीवरी व्यवस्था की है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य ग्राहक के साथ ऐसी घटना न हो।

