वाराणसी में बल्क वेस्ट जनरेटरों का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

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सिगरा स्टेडियम में कार्यशाला, 500 से अधिक प्रतिनिधियों को कचरा पृथक्करण और निस्तारण के नियमों की दी जानकारी

वाराणसी। शहर में कचरा प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने बल्क वेस्ट जनरेटरों (बीडब्ल्यूजी) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अनुपालन में नगर निगम ने पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इसी सिलसिले में मंगलवार को सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के सभागार में बीडब्ल्यूजी के अभिमुखीकरण के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें शैक्षणिक संस्थानों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, प्रसंस्करण और निस्तारण की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।

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कार्यशाला के मुख्य अतिथि नगर निगम के उपसभापति नरसिंह दास ने कहा कि काशी को स्वच्छ रखना केवल नगर निगम या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। नागरिकों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए सभी को अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभानी होगी।

विशेषज्ञों ने बताया कि जिन संस्थानों या परिसरों का फ्लोर एरिया 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक है, प्रतिदिन 40 हजार लीटर या अधिक पानी की खपत होती है अथवा प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस कचरा निकलता है, उन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके दायरे में बड़े आवासीय परिसर, होटल, रेस्तरां, अस्पताल, मॉल, बाजार, बैंक्वेट हॉल, शैक्षणिक संस्थान और सरकारी व निजी कार्यालय शामिल हैं।

नगर निगम के अनुसार पात्र बीडब्ल्यूजी को केंद्रीयकृत ऑनलाइन पोर्टल swm.cpcb.gov.in/register पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद प्रतिष्ठानों को कचरे के पृथक्करण, प्रसंस्करण और निस्तारण से संबंधित विवरण भी दर्ज करना होगा। नियमों के तहत कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों-गीला, सूखा, सैनिटरी और स्पेशल केयर/हानिकारक-में अलग करना अनिवार्य होगा। बड़े परिसरों में निकलने वाले गीले कचरे का निस्तारण परिसर के भीतर कम्पोस्टिंग या बायो-मिथेनेशन के माध्यम से करने पर जोर दिया गया है। वहीं सूखे कचरे को अधिकृत रीसाइक्लर को ही सौंपना होगा।

नगर निगम ने स्पष्ट किया कि सड़क, खुले भूखंड या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने तथा कचरा जलाने पर रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्यशाला में इम्पैनल्ड कंसल्टेंट आरसीयूईएस की डॉ. कल्पना अरोड़ा, यूपीपीसीबी के रीजनल ऑफिसर रोहित सिंह और जीआईजेड इंडिया की जलवायु परिवर्तन एवं सर्कुलर इकोनॉमी सलाहकार एकता गुप्ता ने प्रस्तुतियों के माध्यम से जानकारी दी। संचालन अंजना झा ने किया। अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान पार्षद मुन्ना सरोज, सीमा वर्मा, कनकलता, पुन्नू लाल बिंद, रविंद्र सिंह, संदीप भारद्वाज, क्षितिज मिश्रा और राजीव कुमार चौधरी समेत अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

BK Pathak
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Beerkeshwar Pathak Journalist Beerkeshwar Pathak, who entered the field of journalism in 2015, has nearly a decade of experience in print and digital media. He holds a postgraduate diploma in journalism and has established his reputation through reporting at prestigious media outlets like Amar Ujala, Hindustan, and Dainik Jagran. He has a special interest and expertise in reporting on political and social issues, news analysis, and editing, along with eventful news. He currently serves as an editor at Live VNS, a leading digital news platform in Varanasi. In this role, he is contributing to reshaping digital journalism and delivering important information to readers through factual and reliable news. Factual investigation of news and effective editing are key aspects of his journalism.

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