वाराणसी में ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, 9 मोबाइल और 12 सिम कार्ड बरामद

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वाराणसी। साइबर क्राइम थाना, कमिश्नरेट वाराणसी की टीम ने ऑनलाइन बेटिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 9 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और एक एटीएम कार्ड बरामद किया है।

24 जून को प्रतिबिंब पोर्टल पर प्रदर्शित एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की जांच के दौरान इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि एक व्यक्ति की इंस्टाग्राम आईडी हैक कर क्यूआर कोड के माध्यम से धनराशि प्राप्त की गई थी। तकनीकी विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर उक्त नंबर का संबंध ऑनलाइन बेटिंग गतिविधियों से पाया गया।

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इसके बाद साइबर क्राइम थाना की टीम ने मुखबिर की सूचना पर जलगंज स्थित दास नगर कॉलोनी के एक किराए के कमरे में छापेमारी की। वहां से कानपुर नगर निवासी दीपक सिंह और नवनीत सिंह को गिरफ्तार किया गया।

बरामद मोबाइल फोन की जांच में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इनमें बेटिंग पैनल, यूजर आईडी, विभिन्न बैंक खातों के क्यूआर कोड, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड, डिजिटल फ्लायर तथा अन्य दस्तावेज शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों के जरिए लोगों को बेटिंग आईडी उपलब्ध कराते थे और जमा-निकासी की पूरी प्रक्रिया संचालित करते थे।

पुलिस के मुताबिक गिरोह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से आकर्षक संदेश एवं डिजिटल पोस्टर प्रसारित कर लोगों को सट्टेबाजी के लिए प्रेरित करता था। धनराशि के लेन-देन के लिए विभिन्न बैंक खातों, मर्चेंट क्यूआर कोड तथा डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता था। पहचान छिपाने के लिए फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का सहारा लिया जाता था।

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पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों प्रवीण उर्फ अक्षय और दिलावर सहित कुछ अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। इस संबंध में साइबर क्राइम थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पूरे ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क और उससे जुड़े बैंक खातों की विस्तृत जांच जारी है।

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