AI और डीपफेक के जरिये चल रहा था करोड़ों का ऑनलाइन सट्टा, आईपीएल मैचों पर हो रही थी सट्टेबाजी, पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के 13 आरोपियों को दबोचा

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वाराणसी। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों के नाम पर संचालित हो रहे एक हाईटेक ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का वाराणसी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन और आधुनिक तकनीकों के दुरुपयोग का खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार यह अंतरराज्यीय गिरोह पिछले कई महीनों से ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन कर रहा था। जांच में पता चला है कि केवल बीते एक माह के दौरान ही इस नेटवर्क के माध्यम से लगभग 20 करोड़ रुपये का सट्टा लगाया गया। आरोपियों के कब्जे से 17 स्मार्टफोन, 10 लैपटॉप, डिजिटल वॉलेट तथा क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कई दस्तावेज और उपकरण बरामद किए गए हैं। मुख्य आरोपी के खातों में करीब एक करोड़ रुपये और लगभग 20 लाख रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी मिलने की बात सामने आई है।

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क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भुगतान आधारित विज्ञापन चलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल किया जाता था, जिनमें प्रसिद्ध हस्तियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सट्टेबाजी का प्रचार करते हुए दिखाया जाता था। विज्ञापन पर क्लिक करने वाले लोगों को टेलीग्राम चैनलों से जोड़ा जाता था, जहां उन्हें निवेश के बदले भारी मुनाफे का लालच दिया जाता था।

पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का मुख्य संचालक रितेश दिवाकर शुक्ला है, जो मुंबई से पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था। उसका सहयोगी रवि यादव सहित अन्य सदस्य वाराणसी और अन्य स्थानों से इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। कैंट क्षेत्र में बनाए गए एक गुप्त ठिकाने से कई युवक ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन कर रहे थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध कमाई का इस्तेमाल हवाला के माध्यम से संपत्तियां खरीदने में किया गया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, आर्थिक नेटवर्क और संभावित बड़े सट्टेबाजी सिंडिकेट से संबंधों की जांच कर रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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