विश्व पृथ्वी दिवस पर नमामि गंगे की मुहिम, प्लास्टिक मुक्त गंगा के लिए किया जागरूक
वाराणसी। नमामि गंगे के तत्वावधान में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर व्यापक जागरुकता अभियान चलाया गया। इस दौरान श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर लोगों को कपड़े के थैले वितरित कर सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करने का संदेश दिया गया।
अभियान का नेतृत्व नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथ्वी और गंगा को सुरक्षित रखने के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को “ना” कहें और जूट या कपड़े के थैलों को अपनाएं, ताकि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों ने भी अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से इटली से आए पर्यटकों ने ‘सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त पृथ्वी’ अभियान का समर्थन करते हुए घाटों की सफाई में हिस्सा लिया और प्लास्टिक कचरे को हटाने में सहयोग दिया। जागरुकता कार्यक्रम के तहत गंगा घाटों पर सफाई अभियान चलाकर प्लास्टिक और अन्य कचरे को हटाया गया। साथ ही लोगों को यह संकल्प दिलाया गया कि वे गंगा तटों पर कचरा नहीं फैलाएंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। इसे स्वच्छ और निर्मल बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त वातावरण ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। कार्यक्रम में पुष्पलता वर्मा, शिखा तिवारी और शगुन तिवारी समेत कई स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर लोगों को जागरूक करने और गंगा को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया।

