वेंडर्स डे पर स्ट्रीट वेंडर्स ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, उत्पीड़न रोकने और अधिकारों की सुरक्षा की उठाई मांग

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वाराणसी। वेंडर्स डे (20 जनवरी) के अवसर पर शहर के स्ट्रीट वेंडर्स और नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) से जुड़े प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। इसके माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका, संरक्षण, सम्मान और नियमन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों और मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।

स्ट्रीट वेंडर्स ने मांग की कि सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग (CoV) धारकों और पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को तब तक किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, जबरन हटाने या बेदखली का सामना न करना पड़े, जब तक उन्हें उपयुक्त और वैकल्पिक वेंडिंग स्थल उपलब्ध न करा दिए जाएं। वेंडर्स का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई उनकी आजीविका पर सीधा हमला है।

ज्ञापन में टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) की भूमिका को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा गया कि TVC की बैठक कम से कम हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। साथ ही वेंडिंग, स्थानांतरण या बेदखली से जुड़ा कोई भी निर्णय TVC की स्वीकृति के बिना न लिया जाए।

स्ट्रीट वेंडर्स ने प्रत्येक शहर में ग्रिवेंस रिड्रेसल कमेटी (शिकायत निवारण समिति) के तत्काल गठन की मांग की, ताकि वेंडर्स की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान हो सके। इसके साथ ही स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका संरक्षण एवं स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम, 2014 के अनुरूप वेंडिंग जोन के शीघ्र विकास की आवश्यकता बताई गई।

पीएम स्वनिधि योजना और ‘स्वनिधि से समृद्धि’ कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने, पूर्ण सर्वेक्षण कर CoV का समय पर नवीनीकरण सुनिश्चित करने तथा स्ट्रीट वेंडर्स के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम शुरू करने की भी मांग रखी गई। वेंडर्स ने कहा कि इससे उनकी आय, कौशल और दीर्घकालिक स्थिरता में वृद्धि होगी।

इसके अलावा स्ट्रीट फूड फेस्टिवल जैसे प्रचारात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की मांग करते हुए कहा गया कि इससे वेंडर्स का मनोबल बढ़ेगा और उनकी पहचान मजबूत होगी। NASVI ने नगर निगम के साथ सहयोग और साझेदारी का आश्वासन देते हुए समावेशी शहरी विकास की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की अपील की।

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