जन्माष्टमी पर मणि मंदिर में सजा भव्य देव दरबार, विराट आरती और भजन संध्या से कृष्णमय हुआ माहौल

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तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव का हुआ शुभारंभ, विद्युत झालरों और आकर्षक झांकियों से जगमगाया धर्मसंघ परिसर

वाराणसी। श्रीमणि मंदिर (धर्मसंघ शिक्षा मण्डल, दुर्गाकुंड) में गुरुवार को तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन धार्मिक अनुष्ठान, देव विग्रहों का भव्य श्रृंगार, विराट आरती और भजन संध्या का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर को विद्युत झालरों और आकर्षक झांकियों से सजाया गया था। भगवान के दर्शन और जन्माष्टमी उत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

मंदिर के मुख्य मंडप में स्थापित श्रीराम दरबार, श्रीराधा माधव, द्वादश ज्योतिर्लिंग, अन्नपूर्णा मंदिर सहित विभिन्न देवी-देवताओं के विग्रहों का फूलों, वस्त्रों और सजावटी सामग्री से मनोहारी श्रृंगार किया गया। विद्युत रोशनी से सजा परिसर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

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षोडशोपचार विधि से हुआ श्रीकृष्ण का पूजन
धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज के सानिध्य में वैदिक आचार्यों ने भगवान श्रीकृष्ण का विधि-विधान से पूजन कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोडशोपचार विधि से आराधना संपन्न हुई। इस दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति के माहौल में डूबा रहा।

सायंकाल सात बजे देव विग्रहों की विराट आरती उतारी गई। घंटा-घड़ियाल और जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण सहित अन्य देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया। सभी धार्मिक आयोजन धर्मसंघ के महामंत्री पं. जगजीतन पाण्डेय के आचार्यत्व में संपन्न हुए।

भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु
पूजन और आरती के बाद भजन संध्या का आयोजन हुआ। भजन गायक कृष्णा और उनके सहयोगियों ने देर रात तक भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। बीच-बीच में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण गुंजायमान होता रहा।
झांकियों में दिखीं कृष्ण लीलाएं

 

जन्माष्टमी महोत्सव के लिए मंदिर परिसर में दस से अधिक आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं। इनमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़े प्रसंगों को मनोहारी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। झांकियों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती रही। बच्चों और बुजुर्गों में भी झांकियों को देखने को लेकर उत्साह दिखाई दिया।

मंदिर प्रबंधन की ओर से तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच मणि मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव श्रद्धा, भक्ति और कृष्ण प्रेम से सराबोर नजर आया।

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