हरितालिका तीज पर मां मंगला गौरी के दर्शन को उमड़ी सुहागिनों की भीड़, मां के जयकारों से गूंजा पंचगंगा क्षेत्र, अखंड सौभाग्य का मिलता है आशीर्वाद

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वाराणसी। हरितालिका तीज के पावन अवसर पर पंचगंगा घाट के समीप स्थित मां मंगला गौरी के दिव्य मंदिर में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भोर से ही सुहागिन महिलाओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। हाथों में पूजा की थाली और मां के जयकारों के बीच महिलाएं कतारबद्ध होकर दर्शन-पूजन करती नजर आईं। मंदिर परिसर पूरे दिन भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। मां के दर्शन-पूजन से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। 

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तीज पर्व पर मां मंगला गौरी का विशेष श्रृंगार किया गया। विधि-विधान से पूजन और आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुले। मान्यता के अनुसार मां मंगला गौरी के दर्शन-पूजन से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं दूर-दूर से मां के दरबार में पहुंचीं।

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काशी के सर्वोच्च शिखर पंचगंगा घाट के समीप विराजमान मां मंगला गौरी का मंदिर धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। हरितालिका तीज पर यहां दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। महिलाओं ने मां को पुष्प, चुनरी, सिंदूर और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

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धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए माता पार्वती ने हरितालिका तीज का व्रत रखकर कठोर तपस्या की थी। इसी परंपरा के तहत सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे और योग्य वर की प्राप्ति के लिए तीज व्रत रखकर मां मंगला गौरी का पूजन करती हैं।

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मां मंगला गौरी सेवक परिवार के सदस्य दीपक कुमार पांडेय ने बताया कि तीज पर मां के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। भक्तों ने मां का दर्शन कर सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा।

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