गंगा सप्तमी पर वैदिक मंत्रों के बीच हुआ मां गंगा का अभिषेक, ललिता घाट पर अनुष्ठान
वाराणसी। पावन गंगा सप्तमी के अवसर पर गुरुवार प्रातःकाल ललिता घाट स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर न्यास के अर्चकगण, विद्वान शास्त्री एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। आचार्यों के निर्देशन में विधिवत पूजन-अर्चन किया गया, जिसके बाद शास्त्रोक्त परंपराओं के अनुसार माँ गंगा का अभिषेक संपन्न हुआ।

अनुष्ठान के दौरान गंगाजल, दुग्ध, पुष्प और अन्य पूजन सामग्रियों से श्रद्धापूर्वक आराधना की गई। वैदिक मंत्रों की गूंज और भक्ति भाव से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष अनुभूति हुई। अभिषेक अनुष्ठान के उपरांत मंदिर परिसर में विराजमान माँ गंगा के विग्रह का भी विधिपूर्वक पूजन और आरती की गई। श्रद्धालुओं ने मां गंगा और भगवान विश्वनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए विश्व शांति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।

मंदिर न्यास द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन किया जाता है। इनका उद्देश्य काशी की प्राचीन सनातन परंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। न्यास लगातार समाज में धार्मिक चेतना के प्रसार और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर अपने जीवन को धन्य माना। गंगा सप्तमी का यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं और आध्यात्मिक धरोहर का भी परिचायक है। अंत में सभी ने माँ गंगा और भगवान विश्वनाथ से देश और समाज की खुशहाली की प्रार्थना की।

