गांधी-शास्त्री जयंती पर काशी में गूंजा अहिंसा और सादगी का संदेश, किया नमन
वाराणसी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को शहर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। पितरकुंडा तिराहे पर वाराणसी डर्बी शायर क्लब की ओर से गांधी जयंती मनाई गई। वहीं, सिगरा स्थित शास्त्री उद्यान में ग्लोबल कायस्थ कमेटी की ओर से संगोष्ठी आयोजित कर दोनों महापुरुषों के योगदान को याद किया गया।
पितरकुंडा में कार्यक्रम का नेतृत्व क्लब अध्यक्ष शकील अहमद जादूगर ने किया। इस दौरान आम लोगों को गुलाब का फूल देकर गांधी के सत्य और अहिंसा के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। शकील अहमद ने कहा कि गांधी ने अहिंसा के माध्यम से देशवासियों को स्वतंत्रता आंदोलन के लिए एकजुट किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दो अक्टूबर को स्वच्छता दिवस के साथ अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में हैदर हाजी असलम, मुलाई गुफरान अहमद, चिंतित बनारसी, मोहम्मद फैज, जावेद हुसैन, मोहम्मद तौफीक, मोहम्मद नईम और मोहम्मद वसीम मौजूद रहे।
इधर, शास्त्री उद्यान सिगरा में ग्लोबल कायस्थ कमेटी की ओर से आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता संस्थापक शशिकांत श्रीवास्तव ने की। संचालन अधिवक्ता शिवकुमार सिन्हा ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। शशिकांत श्रीवास्तव ने कहा कि शास्त्री का जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उनका ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश आज भी प्रेरणा देता है। अधिवक्ता कृपा शंकर श्रीवास्तव ने शास्त्री के नैतिक मूल्यों और त्याग को याद किया।

कार्यक्रम में अरविंद श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव मुन्ना, राजेश श्रीवास्तव, विंध्याचल श्रीवास्तव, ज्योति कुमार श्रीवास्तव, राजेश कुमार दुबे, प्रमोद श्रीवास्तव, शुभम निर्मल और आशीष श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

