नवरात्र के पहले दिन मां कुष्मांडा के दरबार में उमड़े श्रद्धालु, कतारबद्ध होकर कर रहे दर्शन-पूजन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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वाराणसी। शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को दुर्गाकुंड स्थित प्राचीन मां दुर्गा मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां कुष्मांडा के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंगला आरती के बाद मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालु कतारबद्ध होकर दर्शन के लिए आगे बढ़ने लगे। मां के जयकारों से मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र गूंज उठा। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मंगला आरती के बाद शुरू हुआ दर्शन-पूजन
नवरात्र के पहले दिन मां के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्त हाथों में पूजन सामग्री लेकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। काशी में नौ दुर्गा के अलग-अलग मंदिरों में दर्शन की परंपरा है। इसी क्रम में श्रद्धालु पहले दिन मां के दर्शन कर नवरात्र की शुरुआत करते हैं।

चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगरानी
मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर के साथ आसपास के मार्गों और प्रवेश द्वारों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। श्रद्धालुओं को जांच और तलाशी के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात रहे, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर रोक
सुरक्षा व्यवस्था के तहत मंदिर के भीतर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर रोक लगाई गई थी। प्रवेश द्वार पर जांच के दौरान श्रद्धालुओं को निर्धारित नियमों का पालन कराया जा रहा था। पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन-पूजन की व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे।

आस्था के साथ सुरक्षा पर विशेष जोर
नवरात्र के पहले दिन मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। मां के जयकारों और पूजा-अर्चना से पूरा वातावरण भक्तिमय रहा। प्रमुख देवी मंदिरों में नवरात्र के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्रद्धालु भी निर्धारित नियमों का पालन करते हुए मां के दर्शन-पूजन में जुटे रहे।

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