अष्टमी पर बाबा लाट भैरव का भव्य श्रृंगार, सहस्र दीपों से हुई आरती, दर्शन को उमड़े भक्त
वाराणसी। ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कज्जाकपुरा स्थित काशी के न्यायाधीश कहे जाने वाले बाबा श्री कपाल भैरव, प्रसिद्ध लाट भैरव मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। रविवार को बाबा के दर्शन और पूजन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर दिनभर भक्तों की भीड़ और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रत्येक रविवार और मंगलवार को बाबा लाट भैरव के दर्शन करने से भक्तों को दृष्टिदोष, भूत-प्रेत बाधा तथा अन्य नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति प्राप्त होती है। इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और बाबा के चरणों में मत्था टेककर सुख-समृद्धि तथा कष्टों से मुक्ति की कामना की।
द्वितीय ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अष्टमी के अवसर पर मंदिर में विशेष पाक्षिक अष्टमी पूजन और धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति की ओर से इस विशेष अवसर पर बाबा का आकर्षक एवं मनोहारी श्रृंगार किया गया। रंग-बिरंगे पुष्पहारों और विशेष सजावट से मंदिर का वातावरण अत्यंत दिव्य और आध्यात्मिक दिखाई दे रहा था। पूजन के दौरान बाबा को राग-भोग अर्पित कर विधिवत आराधना की गई।
अष्टमी पूजन का अनुष्ठान आचार्य रविंद्र त्रिपाठी के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ अनुष्ठान में भाग लिया। देर रात अनुष्ठान की पूर्णाहुति के पश्चात सहस्र दीपों से बाबा की भव्य आरती उतारी गई। दीपों की अलौकिक आभा और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु आध्यात्मिक भाव में सराबोर दिखाई दिए।
मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ लाट भैरव प्रबंधक समिति के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष रोहित जायसवाल, पार्षद मुन्नालाल यादव, विक्रम सिंह राठौर, मीडिया प्रभारी शिवम अग्रहरि, नंदलाल प्रजापति, रवि कुशवाहा, आशीष कुशवाहा सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।

