एनआरआई ने अमेरिका से वाराणसी आकर आनंद काशी योजना के लिए दी भूमि, VDA ने किया सम्मानित 

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वाराणसी। विकास प्राधिकरण (वीडीए) की महत्वाकांक्षी आनंद काशी आवासीय योजना में जनसहभागिता का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसी क्रम में संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने वाले एक प्रवासी भारतीय ने अपनी मातृभूमि के विकास में योगदान देने के लिए विशेष रूप से वाराणसी पहुंचकर लैण्ड पूलिंग योजना में भागीदारी की। इस पहल को जनसहयोग आधारित शहरी विकास मॉडल का प्रेरणादायी उदाहरण बताते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण ने भूमि उपलब्ध कराने वाले भू-स्वामियों को सम्मानित किया।

 

वीडीए द्वारा विकसित की जा रही आनंद काशी आवासीय योजना, कल्लीपुर के अंतर्गत लैण्ड पूलिंग योजना के माध्यम से स्थानीय और प्रवासी भू-स्वामियों का सहयोग लगातार मिल रहा है। इसी क्रम में अमेरिका में निवासरत अमित कुमार ने वाराणसी आकर योजना में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। उनके साथ दिनेश कुमार सिंह और जावित्री देवी ने भी योजना के विकास के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराई।

 

प्राधिकरण के अनुसार अमित कुमार और दिनेश कुमार सिंह ने कुल 10 अराजियों का लगभग 19,820 वर्गमीटर क्षेत्रफल लैण्ड पूलिंग के माध्यम से उपलब्ध कराया। वहीं जावित्री देवी ने छह अराजियों का करीब 4,130 वर्गमीटर क्षेत्रफल योजना के विकास के लिए दिया। अधिकारियों का कहना है कि इन भू-स्वामियों की भागीदारी से परियोजना के सुनियोजित विकास को गति मिलेगी।

इस उल्लेखनीय योगदान के लिए वाराणसी मंडल के आयुक्त एवं वाराणसी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एस. राजलिंगम, उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा तथा अपर सचिव डॉ. गुडाकेश शर्मा ने अमित कुमार, दिनेश कुमार सिंह और जावित्री देवी को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अधिकारियों ने कहा कि जनहित में दिया गया यह सहयोग अन्य भू-स्वामियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।

प्राधिकरण ने बताया कि लैण्ड पूलिंग में सहभागी बनने वाले भू-स्वामियों को आनंद काशी आवासीय योजना में भूखंड आवंटन की प्रक्रिया के दौरान प्राथमिकता के आधार पर अवसर प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें योजना के विकास से जुड़े अन्य निर्धारित लाभ भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

वीडीए के अनुसार लैण्ड पूलिंग मॉडल आधुनिक और सुनियोजित शहरी विकास का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। इससे भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं में कमी आने के साथ विकास कार्यों को तेज गति मिलती है और भू-स्वामियों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है। प्राधिकरण ने अन्य स्थानीय एवं प्रवासी भू-स्वामियों से भी इस जनहितकारी पहल में शामिल होने का आह्वान किया है।

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