रोपवे कॉरिडोर के दायरे में बनेगा नो काइट फ्लाइंग जोन, पतंग उड़ाना प्रतिबंधित, अनदेखी पर होगी कार्रवाई 

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वाराणसी। शहर में प्रस्तावित रोपवे परियोजना के सुरक्षित संचालन को लेकर प्रशासन ने अहम फैसला लिया है। कैंट से गोदौलिया के बीच बनने वाले रोपवे कॉरिडोर के चार किलोमीटर के दायरे को “नो काइट फ्लाइंग जोन” घोषित करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत इस पूरे क्षेत्र में पतंग उड़ाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रोपवे के संचालन के दौरान पतंग उड़ाने से गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मांझा फंसने के बाद पतंगबाज उसे तेजी से खींचते हैं। इससे रोपवे के तारों में कंपन हो सकती है। इसके हादसे का खतरा है। इसको देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाने का निर्णय लिया है। रोपवे का संचालन शुरू होने के बाद कॉरिडोर के दायरे में पतंग उड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में पतंग उड़ाने वालों की पहचान के लिए ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया जाएगा। ड्रोन के माध्यम से ऊंचाई से निगरानी की जाएगी ताकि नियम तोड़ने वालों को तत्काल चिह्नित किया जा सके। पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रोपवे परियोजना को लेकर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रोपवे का संचालन पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध रहे, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नो काइट फ्लाइंग जोन बनाने से न सिर्फ रोपवे बल्कि आम जनता की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। 

बताया गया कि इस संबंध में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से भी आवश्यक अनुमति ली जाएगी। इसके बाद क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। जिस प्रकार बाबतपुर एयरपोर्ट के आसपास पतंग उड़ाने पर प्रतिबंध है, उसी तर्ज पर रोपवे कॉरिडोर के चार किलोमीटर दायरे में भी यह नियम लागू किया जाएगा।

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