मकान धराशायी होने के नौ दिन बाद भी बेघर परिवार को नहीं मिली आवासीय मदद, टीन की छत के नीचे गुजर रही जिंदगी

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वाराणसी। सीर गोवर्धनपुर स्थित रविदास मंदिर के पीछे बारिश में कच्चा मकान ढहने की घटना को नौ दिन बीत चुके हैं, लेकिन हादसे में प्रभावित परिवार को अब तक आवासीय या आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है। मकान गिरने से मलबे में दबकर परिवार के चार सदस्य घायल हुए थे। हादसे में एक बकरी और कुत्ता भी दब गए थे। घायलों में दो को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। घटना के बाद मौके पर पहुंचे लेखपाल कुंदन सिंह ने स्थिति का निरीक्षण कर परिवार को हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद उन्हें अभी तक केवल कुछ खाद्य सामग्री ही उपलब्ध कराई गई है।

परिवार के अनुसार, मकान गिरने के बाद लेखपाल ने मौके का निरीक्षण कर आवासीय सहायता, सहयोग राशि के साथ गेहूं, चावल और अन्य जरूरी घरेलू सामग्री उपलब्ध कराने की बात कही थी। लेकिन करीब नौ दिन बीतने के बाद परिवार को 25 किलो चावल, एक किलो चीनी और एक किलो सरसों का तेल ही मिला है। आवास निर्माण के लिए किसी तरह की आर्थिक सहायता अथवा सहयोग राशि अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।

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टीन की छत के नीचे कट रही रात
मकान पूरी तरह धराशायी होने के बाद परिवार ने मलबा हटाकर जमीन को समतल किया और उसके ऊपर टीन डालकर अस्थायी ठिकाना बना लिया है। लगातार बारिश के बीच यह व्यवस्था भी परिवार के लिए मुसीबत बन गई है। परिजनों का कहना है कि टीन की छत से बारिश का पानी अंदर आ जाता है। इससे बैठने, सोने और खाना बनाने तक में परेशानी हो रही है।

परिवार के सदस्यों के मुताबिक रात के समय स्थिति और कठिन हो जाती है। सुरक्षित आवास नहीं होने के कारण बच्चों समेत परिवार के सभी सदस्यों को बारिश के बीच अस्थायी ठिकाने में रहना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मकान गिरने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन जल्द आवास और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा, लेकिन इंतजार लंबा होता जा रहा है।

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सपा नेताओं ने पहुंचकर जानी पीड़ितों की समस्या
परिवार की स्थिति की जानकारी मिलने पर बुधवार को समाजवादी पार्टी के अमन यादव और बहादुर यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं। परिजनों ने उन्हें बताया कि प्रशासन की ओर से सहायता का आश्वासन तो मिला था, लेकिन अभी तक अपेक्षित मदद नहीं पहुंची।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल आवास स्वीकृत कराने, निर्माण के लिए निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराने और जरूरत के अनुसार खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक सामग्री मुहैया कराने की मांग की।

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ग्रामीणों में भी नाराजगी
स्थानीय लोगों ने भी परिवार की स्थिति पर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कच्चा मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सुरक्षित आश्रय का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर परिवार को आवास और जरूरी सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से दोबारा मौके का निरीक्षण कर पात्रता के अनुसार सरकारी आवासीय योजना का लाभ और आर्थिक सहायता जल्द दिलाने की मांग की है। पीड़ित परिवार ने भी प्रशासन से अविलंब मदद की गुहार लगाई है।

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