काशी जन संवाद में सामने आए विकास के नए सुझाव, काशीवासियों ने साफ-सफाई का मुद्दा उठाया, परियोजनाओं और पर्यटन विकास पर हुआ मंथन
वाराणसी। शहर के समग्र और संतुलित विकास को लेकर को आयुक्त सभागार में “काशी जन संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडलायुक्त और विकास प्राधिकरण (वीडीए) के अध्यक्ष एस. राजलिंगम ने की, जबकि उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस संवाद में शहर के विभिन्न वर्गों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और चिकित्सालय संघ, व्यापार एवं बाजार संघ, होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन, पर्यटन गाइड, परिवहन संगठनों, घाट समितियों, पर्यावरण और गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ ही महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक एवं विरासत संरक्षण से जुड़े संगठनों की भागीदारी रही। इसके अलावा गंगा और धार्मिक संस्थाओं, हस्तशिल्प व बनारसी साड़ी उद्योग से जुड़े संघों, आवासीय कल्याण संघ (RWA), मीडिया, विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भी सक्रिय सहभागिता की।

संवाद के दौरान शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और यातायात समस्याओं के स्थायी समाधान पर व्यापक चर्चा हुई। भारत माता मंदिर के सौंदर्यीकरण, नए टाउनशिप के विकास और सारनाथ स्थित आकाशवाणी केंद्र के पास पार्किंग व्यवस्था को सुधारने जैसे मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। प्रतिभागियों ने काशी की तंग गलियों में स्वच्छता को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक आयोजित करने का सुझाव दिया, जिसे सराहा गया।
इसके अलावा वेदव्यास मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ और इसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया। आयुक्त एस. राजलिंगम ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने सुझाव लिखित रूप में भी उपलब्ध कराएं, ताकि उन पर प्राथमिकता के आधार पर अमल किया जा सके। वहीं, वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने हाउसिंग और नए टाउनशिप से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों के सवालों के विस्तार से जवाब दिए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए वाराणसी के सतत और समावेशी विकास की दिशा में ठोस कदम उठाना रहा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जन संवाद में प्राप्त सुझावों को भविष्य की योजनाओं में शामिल किया जाएगा, जिससे काशी के विकास को नई दिशा मिल सके।

