कैंटोमेंट के मॉडल प्राइमरी स्कूल में प्रकृति की पाठशाला, बच्चों ने सीखा पर्यावरण संरक्षण का पाठ, पौधरोपण के साथ पर्यावरण बचाने का लिया संकल्प
वाराणसी। पर्यावरण संरक्षण का संदेश किताबों तक सीमित न रहकर बच्चों की दिनचर्या और व्यवहार का हिस्सा बने, इसी उद्देश्य से गुरुवार को छावनी स्थित कैंटोनमेंट बोर्ड मॉडल प्राइमरी स्कूल में ‘प्रकृति की पाठशाला’ का आयोजन किया गया। नमामि गंगे और अन्नपूर्णा सामाजिक सेवा समिति की ओर से सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वच्छता, जल संरक्षण और प्रकृति के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विद्यालय परिसर में पौधे रोपकर उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने बच्चों से अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया। साथ ही बच्चों को समझाया गया कि कूड़ा इधर-उधर फेंकने से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और गंदगी के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैल सकती हैं।

जल संरक्षण की बताई अहमियत
‘प्रकृति की पाठशाला’ के दौरान विद्यार्थियों को नदियों और जल स्रोतों के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि जल प्राकृतिक संसाधनों में सबसे महत्वपूर्ण है और इसका संरक्षण वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है। पानी की बर्बादी रोकने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
इसके बाद विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। पौधरोपण के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। पौधे लगाने के बाद विद्यार्थियों ने उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है, तभी पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूरा हो सकेगा।

प्रश्नोत्तरी से बढ़ाया बच्चों का उत्साह
कार्यक्रम में पर्यावरण से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों के बीच प्रश्नोत्तरी भी कराई गई। बच्चों से स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधों और प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित सवाल पूछे गए। सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों को नमामि गंगे की टी-शर्ट, टोपी और कपड़े के झोले देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार मिलने से बच्चों में उत्साह बढ़ा और उन्होंने पर्यावरण से जुड़े विषयों में रुचि दिखाई।
राजेश शुक्ला ने कहा कि बच्चों को कम उम्र में पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का व्यापक प्रभाव पड़ता है। विद्यालय में सीखी गई अच्छी आदतें बच्चे अपने घर और आसपास के लोगों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने बच्चों से स्वयं स्वच्छ रहने के साथ दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करने की अपील की।
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापिका स्वर्णा, अन्नपूर्णा सामाजिक सेवा समिति की अध्यक्ष नीलिमा राय, नमामि गंगे महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, महानगर सहसंयोजक बीना गुप्ता, आयुष्मान सिंह सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

