राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशनः महिलाओं के जीवन में भर रहा खुशहाली का गुलाल
रासायनिक रंगों से होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए लोग प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प अपना रहे हैं
सब्जियों और फूलों से तैयार हो रहा हर्बल गुलाल, ये रंग पूरी तरह प्राकृतिक और त्वचा के लिए सुरक्षित हैं
पालक, हल्दी, चुकंदर, गाजर, गेंदा और गुलाब के फूलों से बनाया जा रहा हर्बल गुलाल
वाराणसी। योगी सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में रंग भर रही है। होली के पर्व पर एक बार फिर काशी में हर्बल गुलाल की मांग तेजी से बढ़ी है। रासायनिक रंगों से होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए लोग प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प अपना रहे हैं। इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सीधे मिल रहा है। वे अपने हुनर और परिश्रम से न सिर्फ शुद्ध हर्बल गुलाल तैयार कर रहीं हैं, बल्कि स्वावलंबन के कैनवास पर हर्बल गुलाल के रंगों के माध्यम से आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास की नई तस्वीर उकेर रही है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी काशी की “शिव गुरु स्वयं सहायता समूह” की महिलाएं सब्जियों और फूलों से हर्बल गुलाल तैयार कर रहीं हैं। पालक, हल्दी, चुकंदर, गाजर, गेंदा और गुलाब के फूलों से गुलाल बनाए जा रहे ये रंग पूरी तरह प्राकृतिक और त्वचा के लिए सुरक्षित हैं। चिरई गॉव ब्लॉक की ग्राम पंचायत पंचराव की गीता गुप्ता अपने समूह की 7 महिलाओं के साथ मिलकर होली के रंगों को चटख कर रहीं हैं। गीता गुप्ता ने बताया कि होली पर उन्हें एकमुश्त 60 किलो अबीर का ऑर्डर मिला, जिसे समय से पूरा कर लिया गया। अन्य ऑर्डर को भी पूरा किया जा रहा है।
बड़ागांव की “ज्योति स्वयं सहायता समूह” की पूनम देवी भी हर्बल गुलाल बनाकर लोगों को केमिकलयुक्त रंगों से बचाने का संदेश दे रहीं हैं। अपने व्यवसाय के दूसरे वर्ष में ही उन्हें चोलापुर, हरहुआ और पिंडरा ब्लॉक से अच्छे ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। बढ़ती मांग ने इन महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है।

गीता गुप्ता बताती हैं कि इन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए यह कार्य अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बन गया है। होली के अवसर पर गुलाल की बिक्री से होने वाली आमदनी से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।“ज्योति स्वयं सहायता समूह” की पूनम देवी का कहना है कि अब वे घर की जरूरतों को पूरा करने में भागीदार बन रही हैं और बच्चों की शिक्षा व अन्य खर्चों में सहयोग कर पा रहीं हैं।
प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उपायुक्त (स्वत: रोजगार) पवन कुमार सिंह ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और बाजार उपलब्ध कराने की पहल ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे वे “लखपति दीदी” बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

