गंगा दशहरा पर नमामि गंगे का स्वच्छता अभियान, अविरल-निर्मल गंगा के लिए दिलाया संकल्प
वाराणसी। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर नमामि गंगे की ओर से दशाश्वमेध घाट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित कर मां गंगा के अविरल और निर्मल स्वरूप को बनाए रखने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के दौरान मां गंगा का दुग्धाभिषेक और विधि-विधान से आरती कर श्रद्धा अर्पित की गई। गंगा तट पर गूंजते जयघोषों के बीच राष्ट्रीय ध्वज लहराकर गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।

कार्यक्रम में शामिल नमामि गंगे के महिला और पुरुष सदस्यों ने घाटों की सफाई करते हुए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। स्वयंसेवकों ने गंगा किनारे फैली गंदगी को साफ किया और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे गंगा में कचरा न डालें। घाटों पर लाउडस्पीकर और स्वच्छता संदेश लिखी तख्तियों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश भी दिया गया।

गंगा दशहरा स्नान के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को जनभागीदारी का संकल्प दिलाते हुए कहा गया कि गंगा को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। आयोजन के दौरान लोगों को यह भी समझाया गया कि गंगा केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका और जीवन का आधार हैं।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा दशहरा उस ऐतिहासिक और धार्मिक दिन की स्मृति में मनाया जाता है जब मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। उन्होंने कहा कि राजा सगर के पुत्रों के उद्धार के लिए धरती पर आई मां गंगा आज भी करोड़ों लोगों को जीवन, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि गंगा की स्वच्छता हमारे पर्यावरण की शुद्धता का सबसे बड़ा संकेतक है। केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि जनसहभागिता से ही गंगा को स्वच्छ रखा जा सकता है। कार्यक्रम में सारिका गुप्ता, पुष्पलता वर्मा, बीना गुप्ता, पंकज अग्रहरि, अवधेश वर्मा, पूनम वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नमामि गंगे के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

