नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: ककरमत्ता में 100 करोड़ की सरकारी भूमि को कराया अतिक्रमण मुक्त, 38 साल पुराने विवाद का हुआ निस्तारण

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में सोमवार को नगर निगम ने बीएलडब्ल्यू रोड स्थित ककरमत्ता क्षेत्र में करीब एक बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया। बाजार मूल्य के अनुसार इस भूमि की अनुमानित कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। न्यायालय के आदेश के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की और कूड़े से पटे तालाब की जेसीबी मशीनों से खुदाई भी प्रारंभ करा दी।

यह मामला मौजा ककरमत्ता (परगना देहात अमानत) की अराजी संख्या-411 से जुड़ा था। वर्ष 1988 में इस भूमि पर भूमिधरी अधिकार का दावा करते हुए वाद दायर किया गया था, जो लंबे समय तक न्यायालय में विचाराधीन रहा। महापौर अशोक कुमार तिवारी के निर्देश पर नगर निगम ने मामले की प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त उपजिलाधिकारी (सदर) प्रज्ञा सिंह की अदालत ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण किया, जिसमें संबंधित भूमि को 'पोखरी' के रूप में दर्ज पाया गया।

न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950 की धारा-132 के अनुसार पोखरी और तालाब सार्वजनिक उपयोग की भूमि हैं। ऐसे भूखंडों पर किसी व्यक्ति को स्थायी भूमिधरी अधिकार नहीं दिया जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने वादी का दावा खारिज करते हुए संबंधित खातों को निरस्त करने और राजस्व अभिलेखों में भूमि को पुनः 'पोखरी' के रूप में दर्ज करने के निर्देश दिए।

न्यायिक आदेश के अनुपालन में सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के नेतृत्व में नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन जेसीबी मशीनों से तालाब की खुदाई शुरू कराई। अधिकारियों के अनुसार, भू-माफियाओं द्वारा इस पोखरे को कूड़े और मलबे से पाट दिया गया था, जिसे अब उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाएगा।

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई पोखरी का पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इससे क्षेत्र में भूजल स्तर को बेहतर बनाने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा स्थानीय नागरिकों को एक स्वच्छ एवं उपयोगी जलस्रोत उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ नगर निगम का अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

Share this story