सावन की तैयारियों में जुटा नगर निगम, समस्याओं के त्वरित निस्तारण को बनेगी क्यूआरटी, पंचक्रोशी मार्ग से घाटों तक विशेष व्यवस्था
वाराणसी। सावन माह में काशी आने वाले लाखों शिवभक्तों और कांवड़ यात्रियों की सुविधा को लेकर नगर निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। गुरुवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में साफ-सफाई, पेयजल, सीवर, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण हटाने और पंचक्रोशी मार्ग के रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सावन के दौरान किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) का गठन किया जाएगा। यह टीम कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई, सीवर ओवरफ्लो, पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी शिकायतों का तत्काल निस्तारण करेगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम, दशाश्वमेध, शीतला, राजेंद्र प्रसाद और अस्सी घाट सहित प्रमुख गंगा घाटों तथा उन्हें जोड़ने वाली गलियों में प्रतिदिन सुबह और शाम विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के मार्ग पर आवारा पशु नहीं दिखने चाहिए और अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार अभियान चलाया जाए। साथ ही काशी को भिक्षामुक्त बनाने के लिए भी अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए।
सावन में पंचक्रोशी यात्रा के महत्व को देखते हुए पंचक्रोशी मार्ग की सड़कों की मरम्मत, व्यापक सफाई और आवश्यक नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। नगर निगम द्वारा कांवड़ शिविरों में शुद्ध पेयजल, डस्टबिन, चूना छिड़काव और अस्थायी प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, सीवर जाम की शिकायतों से तत्काल निपटने के लिए जेटिंग मशीनों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि सावन के दौरान अतिक्रमण हटाने का अभियान और अधिक सख्ती से चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी। नगर निगम ने सावन के दौरान विशेष व्यवस्थाओं के लिए शहर के प्रमुख शिवालयों की सूची भी तैयार की है। इनमें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, गौरी केदारेश्वर, तिलभांडेश्वर, महामृत्युंजय, सारंगनाथ, कर्दमेश्वर महादेव, पातालेश्वर महादेव, ओंकारेश्वर, बिंदु माधव, मल्लिकार्जुन महादेव (सिगरा), शीतला माता मंदिर, बेन बाबा मंदिर, मडुआडीह और तुलसीपुर के शिव मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं।
समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र, विनोद गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, चीफ इंजीनियर सुरेश चंद्र, जलकल महाप्रबंधक अनूप सिंह, जोनल स्वच्छता अधिकारी संदीप भार्गव, जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव, पियूष मेहरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

