मिट्टी और बालू छोड़ गया गंगा का पानी, अस्सी घाट पर चार-पांच फीट मोटी सिल्ट, खुद सफाई कर रहे नाविक और नागरिक
आठ पंप लगाकर स्थानीय नागरिक और नाविक खुद कर रहे सफाई, अब तक आधे घाट से हटाई गई सिल्ट
पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी, घाट पर जगह को लेकर तीर्थ पुरोहितों में भी खींचतान
वाराणसी। गंगा का जलस्तर घटने के बाद अस्सी घाट पर जमा चार से पांच फीट मोटी सिल्ट अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। घाट का बड़ा हिस्सा कीचड़ और सिल्ट से ढका होने के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। नगर निगम की ओर से सफाई शुरू नहीं किए जाने से स्थानीय नागरिकों और नाविकों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। नए और पुराने अस्सी घाट के बीच करीब आठ पंप लगाकर दिन-रात सिल्ट हटाई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अब तक लगभग 50 प्रतिशत क्षेत्र की सफाई हो चुकी है।

सिल्ट से ढका घाट, पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित
गंगा का पानी उतरने के बाद घाट पर मोटी सिल्ट की परत जमा हो गई है। इससे गंगा स्नान, नौका विहार और गंगा आरती देखने आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घाट की सुंदरता भी प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्सी घाट काशी आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। ऐसे में सफाई में देरी से पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
आठ पंपों से दिन-रात चल रहा सफाई अभियान
नगर निगम की ओर से सफाई शुरू नहीं होने पर स्थानीय नागरिकों और नाविकों ने पंप लगाकर सिल्ट हटाने का काम शुरू किया है। करीब आठ पंपों की मदद से पानी और कीचड़ निकाला जा रहा है। लोगों का दावा है कि आधे क्षेत्र से सिल्ट हटाई जा चुकी है, लेकिन घाट का बड़ा हिस्सा अभी भी साफ होना बाकी है। नाविकों का कहना है कि घाट साफ होने के बाद नौका विहार के लिए पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे उनके रोजगार को भी गति मिलेगी।

घाट पर स्थान को लेकर तीर्थ पुरोहितों में खींचतान
सिल्ट हटने के साथ घाट पर तीर्थ पुरोहितों की सक्रियता भी बढ़ने लगी है। अपने-अपने स्थान को लेकर कुछ पुरोहितों के बीच खींचतान की स्थिति सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसको लेकर विवाद और कभी-कभी मारपीट की नौबत भी आ रही है। लोगों ने प्रशासन से समय रहते व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।

नगर निगम से तत्काल सफाई कराने की मांग
स्थानीय नागरिकों और नाविकों ने नगर निगम से मशीनरी और पर्याप्त संसाधन लगाकर सफाई शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर चल रहे प्रयासों से पूरे घाट की सफाई में समय लग सकता है। नगर निगम की ओर से त्वरित कार्रवाई होने पर आवागमन, नौका विहार और गंगा आरती देखने आने वाले पर्यटकों को राहत मिल सकेगी।




