ओमान से हुआ एमओयू, बनारस के बिस्किट का स्वाद चखेंगे ओमन एवं खाड़ी देशो के लोग 

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बनारस से ओमान जाएगा बिस्किट, 35 कंटेनरों के निर्यात का हुआ समझौता

 वाराणसी से ओमान 40 मीट्रिक टन बिस्कुट निर्यात के बाद नई व्यापारिक साझेदारी निर्यात को मिली नई रफ्तार 

योगी सरकार की मजबूत कानून व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी और उद्योग-अनुकूल नीतियों ने पूर्वांचल का औद्योगिक लैंड लॉक्ड खोला

वित्तीय वर्ष 2025–26में यूपी से एपीडा उत्पादों का निर्यात ₹30,000 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया 

उत्तर प्रदेश भारत का तीसरा सबसे बड़ा कृषि निर्यातक राज्य बना 

यह उपलब्धि राज्य की निर्यात क्षमता, कृषि प्रसंस्करण उद्योगों की प्रगति तथा एपीडा एवं राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है

वाराणसी। बेहतर कानून व्यवस्था, तेज़ कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल औद्योगिक नीतियों के दम पर योगी सरकार ने पूर्वांचल को लैंड लॉक्ड क्षेत्र से निर्यात और उद्योग के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है।  जिसका असर अब वाराणसी के बढ़ते निर्यात पर साफ दिखाई देने लगा है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की पहल पर वाराणसी स्थित एक्सपोर्टर और ओमान के इम्पोर्टर के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में वाराणसी से ओमान और अन्य खाड़ी देशों को बनारस से बिस्कुट का 700 मीट्रिक टन का निर्यात किया जाएगा।

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वाराणसी और ओमान के मध्य निर्यात का ये समझौता ,लैंड लॉक्ड के रूप में जाने जाने वाले वाराणसी के लिए कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। ओमान स्थित आयातक कंपनी और वाराणसी की श्री तिरुपति बालाजी इंडस्ट्रीज प्रा. लि. (टीके /Teakey) के बीच 35 कंटेनर बिस्किट निर्यात करने पर हुए इस समझौते में एपीडा ने समन्वयक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


हाल ही में वाराणसी से ओमान के लिए बिस्कुट की पहली 40 मीट्रिक टन निर्यात खेप भेजे जाने के बाद यह नई व्यापारिक साझेदारी बनी है, जो  पूर्वांचल के प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए नए द्वार खोलेगी। भारत और ओमान के बीच हाल ही में हुए व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) से व्यापारिक प्रक्रियाएं आसान होंगी, सीमा शुल्क संबंधी बाधाएं कम होंगी और भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।

एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख ने जानकारी दिया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश से एपीडा उत्पादों का निर्यात 30 हजार करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया, जिसके साथ प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा कृषि निर्यातक राज्य बन गया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार और एपीडा के संयुक्त प्रयासों का परिणाम माना जा रहा  है।

वर्जन 
 संस्था भारतीय कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने, खरीदार-विक्रेता संपर्क मजबूत करने और लैंड लॉक्ड रहे क्षेत्रों से निर्यात को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाने स्थानीय उद्योगों को नई संभावनाएं देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें रोजगार सृजन के साथ निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी।

डॉ. सी. बी. सिंह 
क्षेत्रीय प्रमुख,एपीडा

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