मोदी के 12 वर्षों ने बदली देश की दिशा और सोच, जनकल्याण योजनाओं से संवर गया करोड़ों लोगों का जीवन : सुरेश खन्ना
वाराणसी। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों की उपलब्धियों को देश के विकास और सामाजिक परिवर्तन का स्वर्णिम काल बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सोच, कार्यशैली और वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और उनके नेतृत्व में “मोदी है तो मुमकिन है” का नारा देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सार्थक सिद्ध हुआ है।
वाराणसी के सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता संभालते ही स्वयं को शासक नहीं बल्कि देश का सेवक बताया। उन्होंने संसद की देहरी पर माथा टेककर संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। यही कारण है कि उनके नेतृत्व में सरकार ने जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली अनावश्यक परेशानियों से राहत दिलाने के लिए मोदी सरकार ने दस्तावेजों के स्व-प्रमाणीकरण (सेल्फ अटेस्टेशन) की व्यवस्था लागू की। इससे लाखों युवाओं को गजटेड अधिकारियों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हुईं। भारतीय संस्कृति और योग को वैश्विक पहचान दिलाने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को ऐतिहासिक बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के प्रस्ताव पर 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में 175 देशों के समर्थन से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। इसके बाद योग पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली का प्रतीक बन गया।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहले बच्चे के जन्म पर 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। अब तक देशभर में 4.28 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में करीब 60 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिला है।
सुरेश खन्ना ने कहा कि बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से संचालित सुकन्या समृद्धि योजना भी बेहद सफल रही है। इसके अंतर्गत देशभर में 4.50 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें 3.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। इस योजना पर वर्तमान में 8.2 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है, जो बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का भी उल्लेख किया। इस योजना के तहत बालिकाओं की शिक्षा और विकास के लिए विभिन्न चरणों में कुल 25,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। अब तक 26.81 लाख से अधिक बेटियां इसका लाभ प्राप्त कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वार्षिक आय दो लाख रुपये तक वाले परिवारों की दो बेटियों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं ने देश में व्यापक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है। इन प्रयासों ने भारत को विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम प्रदान किए हैं। इस अवसर पर राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

