बरेका क्षेत्र में 45.03 करोड़ से विकसित होगा आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क, डेढ़ लाख लोगों को जलभराव से मिलेगी राहत, साइन हुआ एमओयू
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बीएलडब्ल्यू) परिसर और आसपास के विस्तारित नगर निगम क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बीएलडब्ल्यू प्रशासन और नगर निगम वाराणसी के बीच जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। करीब 45.03 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र में ढके हुए आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। योजना से लगभग डेढ़ लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की पहल पर तैयार इस योजना के तहत बीएलडब्ल्यू परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में वर्षा जल की निकासी के लिए आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा की मौजूदगी में समझौता पत्र पर बीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने भी हस्ताक्षर किए।
45.03 करोड़ रुपये से होगा निर्माण
प्रस्तावित ड्रेनेज परियोजना को दो हिस्सों में पूरा किया जाएगा। बीएलडब्ल्यू की सीमा के भीतर वर्षा जल निकासी नालों के निर्माण के लिए 24 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। वहीं, बीएलडब्ल्यू परिसर की सीमा के बाहर बनने वाले नाला नेटवर्क पर 21.03 करोड़ रुपये नगर निगम वाराणसी खर्च करेगा। इस तरह कुल 45.03 करोड़ रुपये की लागत से आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन विद कवर का निर्माण कराया जाएगा।

कंदवा और पहाड़ी गेट पर जलभराव से राहत
स्थलीय निरीक्षण के दौरान सामने आया था कि मौजूदा नालों की क्षमता कम होने के साथ कई स्थानों पर नाले क्षतिग्रस्त और अवरुद्ध हैं। इसके कारण मानसून के दौरान कंदवा गेट और पहाड़ी गेट के आसपास बड़े पैमाने पर जलभराव हो जाता है। इससे स्थानीय लोगों, राहगीरों और यातायात को परेशानी होती है।
परियोजना के तहत कंदवा गेट और पहाड़ी गेट के आसपास ‘नाला-1’ और ‘नाला-2’ के रूप में नए आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाए जाएंगे। इनसे बारिश के पानी की निकासी तेज और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।
बीएलडब्ल्यू परिसर को भी मिलेगी सुरक्षा
जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बीएलडब्ल्यू की बाउंड्री वॉल से सटे क्षेत्रों के अलावा परिसर के आंतरिक हिस्सों में भी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनती थी। इससे कर्मचारियों, उनके परिवारों और अन्य लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी तथा सड़कों और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचता था।
नई परियोजना के तहत बीएलडब्ल्यू की बाउंड्री वॉल के साथ-साथ आंतरिक क्षेत्रों में भी ढके हुए पक्के नालों का निर्माण किया जाएगा। इससे जलभराव की समस्या कम होने के साथ सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर मुख्य अभियंता (सामान्य) सुरेश चंद्र समेत नगर निगम और बीएलडब्ल्यू के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

