मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने की समीक्षा, आईटीआई में शून्य ड्रॉपआउट और पूर्ण प्रवेश का दिया निर्देश 

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वाराणसी। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में वाराणसी मंडल के संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण/शिक्षुता, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के एमआईएस मैनेजर और डीपीएमयू अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें आईटीआई कॉलेजों में शिक्षण व प्रवेश को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने शून्य ड्रॉपआउट और पूर्ण प्रवेश का लक्ष्य दिया। 

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बैठक में संयुक्त निदेशक प्रशिक्षण/शिक्षुता वाराणसी मंडल ने विभाग की ओर से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कौशल विकास योजनाओं और संस्थानों की प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। समीक्षा के बाद मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने, संस्थानों के प्रभावी संचालन और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

मंत्री ने राजकीय आईटीआई में प्रथम वर्ष में प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट प्रतिशत पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षार्थियों की नियमित काउंसलिंग कराई जाए और उनके अभिभावकों से लगातार संपर्क रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संस्थान शून्य ड्रॉपआउट के लक्ष्य के साथ काम करे, ताकि कोई भी विद्यार्थी बीच में प्रशिक्षण छोड़ने को मजबूर न हो।

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पीपीपी मॉडल के तहत संचालित राजकीय आईटीआई पिंडरा, वाराणसी और आईटीआई बदलापुर, जौनपुर की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति न मिलने पर मंत्री ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन संस्थानों में आवश्यक मशीनों, संसाधनों और कार्मिकों की व्यवस्था समय से पूरी की जाए। साथ ही प्रशिक्षण सत्र 2026-27 से नियमित प्रशिक्षण शुरू कराने और भारत सरकार से स्थायी संबद्धता तथा एनसीवीटी मान्यता की प्रक्रिया तेज करने को कहा।

कौशल विकास मिशन के अंतर्गत चल रहे प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने एमआईएस मैनेजर और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे हर सप्ताह संस्थानों का निरीक्षण करें और प्रशिक्षणार्थियों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

इसके अलावा मंडल के प्रत्येक जनपद में संचालित निजी आईटीआई में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 संस्थानों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि रोजगारपरक पाठ्यक्रमों और विभिन्न व्यवसायों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि प्रशिक्षण सत्र 2026-27 में आईटीआई की 100 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित हो सके।

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